गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation
महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा
पृष्ठ 174, कुल 421 में से
संदर्भ में पढ़ें१२० ] गणितसारसंग्रहः [ ६. १२१½-
दृष्ट्वाम्राशिमपहाय च सप्त पञ्चाष्टकेऽष्टभिः पुनरपि प्रविहाय तस्मात् ।
त्रीणि त्रयोदशभिरुद्धलिते विशुद्धः पान्यैर्वने गणक मे कथयैकराशिम् ॥ १२१½ ॥
द्वाभ्यां त्रिभिश्चतुर्भिः पञ्चभिरेकः कपित्थफलराशिः ।
भक्तो रूपाग्रस्तत्प्रमाणमाचक्ष्व गणितज्ञ ॥ १२२½ ॥
द्वाभ्यामेकस्त्रिभिर्द्वौ च चतुर्भिर्भाजिते त्रयः । चत्वारि पञ्चभिः शेषः को राशिर्वद मे प्रिय ॥१२३½॥
द्वाभ्यामेकस्त्रिभिशुद्धश्चतुर्भिर्भाजिते त्रयः । चत्वारि पञ्चभिः शेषः को राशिर्वद मे प्रिय ॥१२४½॥
द्वाभ्यां निरग्र एकाग्रस्त्रिभिर्नाग्रो विभाजितः । चतुर्भिः पञ्चभिर्भक्तो रूपाग्रो राशिरेष कः ॥१२५½॥
द्वाभ्यामेकस्त्रिभिः शुद्धश्चतुर्भाजिते त्रयः । निरग्रः पञ्चभिर्भक्तः को राशिः कथयाधुना ॥१२६½॥
दृष्ट्वा जम्बूफलानां पथि पथिकजनै राशयस्तत्र राशी
द्वौ त्र्यग्रौ तौ नवानां त्रय इति पुनरेकादशानां विभक्ताः ।
पञ्चाग्रास्ते यतीनां चतुरधिकतराः पञ्च ते सप्तकानां
कुट्टीकारार्थविन्मे कथय गणक संचिन्त्य राशिप्रमाणम् ॥ १२७½ ॥
वनान्तरे दाडिमराशयस्ते पान्यैस्त्रयः सप्तभिरेकशेषाः ।
सप्त त्रिशेषा नवभिर्विभक्ताः पञ्चाष्टभिः के गणक द्विरग्राः ॥ १२८½ ॥
वन में आमों की ढेरियाँ देखने के बाद और उनमें ७ फल निकालने के पश्चात् उन्हें ८ यात्रियों
में बराबर-बराबर बाँट दिया गया । और जब, फिर से, उन्हीं ढेरियों में से ३ फल निकाल लिये गये
तब उन्हें १३ यात्रियों में बाँट दिया गया । दोनों दशाओं में कुछ भी शेष न रहा । हे गणितज्ञ ! इस
केवल एक ढेरी का संख्यात्मक मान (फलों की संख्या) बतलाओ ॥ १२१½ ॥
कपित्थ फलों की केवल एक ढेरी के फलों को २, ३, ४ अथवा ५ मनुष्यों में विभाजित करने
पर प्रत्येक दशा में शेष १ बचता है । हे गणितवेत्ता ! उस ढेरी में फलों की संख्या बतलाओ ॥१२२½॥
जब २ द्वारा भाजित हो तब शेष १ रहता है, जब ३ द्वारा भाजित हो तब शेष २, जब ४ द्वारा
तब शेष ३, जब ५ द्वारा तब शेष ४ है । हे मित्र ! ऐसी ढेरी में कितने फल हैं ? ॥ १२३½ ॥
जब २ द्वारा भाजित हो तब शेष १ है, जब ३ द्वारा तब शेष कुछ नहीं है, जब ४ द्वारा तब
शेष ३ है, जब ५ द्वारा तब शेष ४ है । ढेरी का संख्यात्मक मान बतलाओ ॥ १२४½ ॥
जब २ द्वारा भाजित हो तब शेष कुछ नहीं है, जब ३ द्वारा तब शेष १, जब ४ द्वारा तब शेष
कुछ नहीं है; और जब ५ द्वारा भाजित हो तब शेष १ रहता है । यह राशि क्या है ? ॥ १२५½ ॥
जब २ द्वारा भाजित हो तब शेष १ है, जब ३ द्वारा तब शेष कुछ नहीं है, जब ४ द्वारा तब
शेष ३, और जब ५ द्वारा भाजित हो तब शेष कुछ नहीं है । यह राशि कौन है ? ॥ १२६½ ॥
रास्ते में यात्रियों ने जम्बू फलों की कुछ बराबर ढेरियाँ देखीं । उनमें से २ ढेरियाँ ९ साधुओं
में बराबर-बराबर बाँटने पर ३ फल शेष रहे । फिर से, ३ ढेरियाँ इसी प्रकार ११ व्यक्तियों में बाँटने
पर ५ फल शेष बचे, पुनः ५ ढेरियों को ७ व्यक्तियों में बराबर बाँटने पर शेष ४ फल बचे । हे विभाजन
की कुट्टीकार विधि को जानने वाले अंकगणितज्ञ ! ठीक तरह सोचकर ढेरी का संख्यात्मक मान
बतलाओ ॥ १२७½ ॥
- वन के अन्तर में अनार की ३ बराबर ढेरियाँ ७ यात्रियों में बराबर बाँट देने पर १ फल शेषफल
है; ७ ऐसी ढेरियाँ उसो प्रकार ९ में बाँटने पर शेष ३ फल, और पुनः ५ ऐसो ढेरियाँ ८ में बाँट देने
पर २ फल बचते हैं । हे अंकगणितज्ञ ! प्रत्येक का संख्यात्मक मान बतलाओ ॥ १२८½ ॥