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गान्धर्व तन्त्र (शैव-शाक्त आगम - मन्त्र-रहस्य, यन्त्र एवं देवतोपासना सटीक)

Gandharva Tantra with Hindi Commentary

शिव-पार्वती संवाद द्वारा

DevanagariHindipublished446 पृष्ठ

द्वाचत्वारिंशः पटलः । ३६३
य एतत्तन्त्रं समधीते सोऽग्निपूतो भवति सुरापानात्पूतो
भवति कृत्याकृत्यात्पूतो भवत्यगम्यगमनात्पूतो भवति ॥
इति श्रीगन्धर्वतन्त्रे पार्वतीश्वरसंवादे तत्त्वज्ञानोपदेशनं
नाम द्वाचत्वारिंशः पटलः ॥ ४२ ॥
समाप्तमिदं श्रीशिवार्पणं भूयात् ॥

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