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धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

Dhammapada with Pali Original & Hindi Translation

महापण्डित राहुल सांकृत्यायन द्वारा

DevanagariHindipublished213 पृष्ठ

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( १९८ )
विज्ञानके सम्पर्कसे उत्पन्न विज्ञानकी अवस्थायें हैं);
विज्ञान (=चेतना, परिमाण और तोल न रखनेवाला रूप )।
थेर—(=स्थविर ) वृद्ध भिक्षु ।
थेरी—(=स्थविरा ) वृद्ध भिक्षुणी ।
पातिमोक्ख (=प्रातिमोक्ष)—विनय पिटकमे कहे भिक्षु-भिक्षुणियोंके
पाराजिक, संघादिसेंस आदि नियम । भिक्षुओंके लिये
उनकी संख्या इस प्रकार है—
पाली विनय (सर्वास्तिवाद)
१. पाराजिक ४ ४
२. संघावशेष १३ १३
३. अनियत २ २
४. निसर्गिक ३० ३०
५ पायत्तिक ९२ ९०
६. प्रातिदेशनीय ४ ४
७. शैक्ष ७५ ११३
८. अधिकरणशमथ ७ ७
२२७ २६३