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सर्वकोश
बुद्धचरितम् (महाकवि अश्वघोष - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

बुद्धचरितम् (महाकवि अश्वघोष - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Buddhacharitam of Mahakavi Ashvaghosa with Hindi Commentary

महाकवि अश्वघोष द्वारा

DevanagariHindipublished122 पृष्ठ

पृष्ठ 2, कुल 122 में से

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पृष्ठ 2

प्रकाशक
संस्कृत भवन, कठोतिया
पो. काझा, जिला पूर्णियाँ
(बिहार)
प्रथम संस्करण 1000
द्वितीय संस्करण 1000
तृतीय संस्करण 1600
मुद्रक
ओमप्रकाश कपूर
ज्ञानमण्डल यन्त्रालय बनारस
4625-11


निवेदन ३
प्रथम सर्ग : भगवान् का जन्म ४
द्वितीय सर्ग : अन्तःपुर विहार १०
तृतीय सर्ग : संवेग-उत्पत्ति १४
चतुर्थ सर्ग : स्त्री-निवारण १९
पञ्चम सर्ग : अभिनिष्क्रमण २६
षष्ठ सर्ग : छन्दक-विसर्जन ३२
सप्तम सर्ग : तपोवन-प्रवेश ३७
अष्टम सर्ग : अन्तःपुर-विलाप ४१
नवम सर्ग : कुमार-अन्वेषण ४७
दशम सर्ग : श्रेण्य का आगमन ५२
एकादश सर्ग : काम-निन्दा ५५
द्वादश सर्ग : अराड-दर्शन ६१
त्रयोदश सर्ग : मार की पराजय ६९
चतुर्दश सर्ग : बुद्धत्व-प्राप्ति ७४
15वाँ सर्ग : धर्मचक्र-प्रवर्तन ७९
16वाँ सर्ग : अनेक शिष्य ८२
17वाँ सर्ग : महाशिष्यों की प्रव्रज्या ८५
18वाँ सर्ग : अनाथपिण्डद की दीक्षा ८७
19वाँ सर्ग : पितापुत्र-समागम ९१
20वाँ सर्ग : जेतवन-स्वीकार ९४
21वाँ सर्ग : प्रव्रज्या-स्रोत ९६
22वाँ सर्ग : आम्रपाली के उपवन में ९९
23वाँ सर्ग : आयु निश्चित करना १०१
24वाँ सर्ग : लिच्छवियों पर अनुकम्पा १०३
25वाँ सर्ग : निर्वाण-पथपर १०६
26वाँ सर्ग : महापरिनिर्वाण १०९
27वाँ सर्ग : निर्वाण की प्रशंसा ११३
28वाँ सर्ग : धातु-विभाजन ११७
परिशिष्ट 1 १२१
अतिरिक्त टिप्पणी एवं पाठान्तर