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सर्वकोश
बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

Brihat Samhita Vol 1 with Vimala Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा

DevanagariHindipublished728 पृष्ठ

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पृष्ठ 23

( १९ )
विषयाः पृष्ठाङ्काः | विषयाः पृष्ठाङ्काः
वेलाहीनेऽतिवेले च पर्वणि फलम् १११ | ग्रस्तभौमफलम् १२९
स्वमते प्रामाण्यत्वकथनम् ११२ | ग्रस्तबुधफलम् १२९
मासैके चन्द्र-सूर्यग्रहणयोर्फलम् ११३ | ग्रस्तगुरुफलम् १३०
ग्रस्तोदितग्रस्तास्तयोर्कचन्द्रयोः | ग्रस्तशुक्रफलम् १३०
फलम् ११४ | ग्रस्तशनिफलम् १३०
उदयात्प्रभृत्यस्तं यावद् ग्रस्तयोर्क- | कार्त्तिकमासे ग्रहणफलम् १३१
चन्द्रयोः सप्तप्रकाराणि फलानि ११५ | मार्गशीर्षमासे ग्रहणफलम् १३१
अयनवशाद्दिग्वशाच्च ग्रहणफलम् ११७ | पौषमासे ग्रहणफलम् १३१
मेषराशिगतग्रहणफलम् ११८ | माघमासे ग्रहणफलम् १३२
वृषराशिगतग्रहणफलम् ११८ | फाल्गुनमासे ग्रहणफलम् १३२
मिथुनराशिगतग्रहणफलम् ११९ | चैत्रमासे ग्रहणफलम् १३२
कर्कराशिगतग्रहणफलम् ११९ | वैशाखमासे ग्रहणफलम् १३३
सिंह-कन्याराशिगतग्रहणफलम् ११९ | ज्येष्ठमासे ग्रहणफलम् १३३
तुला-वृश्चिकराशिगतग्रहणफलम् १२० | आषाढमासे ग्रहणफलम् - १३४
धनु-मकरराशिगतग्रहणफलम् १२० | श्रावणमासे ग्रहणफलम् १३४
कुम्भ-मीनराशिगतग्रहणफलम् १२१ | भाद्रपदमासे ग्रहणफलम् १३५
सूर्यचन्द्रयोर्दश ग्रासाः १२२ | आश्विनमासे ग्रहणफलम् १३५
सव्यासव्यग्रासयोर्लक्षणं फलञ्च १२२ | ग्रस्तार्कचन्द्रयोर्दशविधमोक्षाः १३६
लेहग्रासलक्षणं फलञ्च १२३ | दक्षिणहनुमोक्षलक्षणं फलञ्च १३६
ग्रसनग्रासलक्षणं फलञ्च १२३ | वामहनुमोक्षलक्षणं फलञ्च १३६
निरोधग्रासलक्षणं फलञ्च १२३ | दक्षिणकुक्षिमोक्षलक्षणं फलञ्च १३७
अवमर्दनग्रासलक्षणं फलञ्च १२४ | वामकुक्षिमोक्षलक्षणं फलञ्च १३७
आरोहणग्रासलक्षणं फलञ्च १२४ | दक्षिण-वामपायुमोक्षलक्षणं फलञ्च १३७
आघ्रातग्रासलक्षणं फलञ्च १२४ | सञ्छर्दनमोक्षलक्षणं फलञ्च १३८
मध्यतमग्रासलक्षणं फलञ्च १२५ | जरणमोक्षलक्षणं फलञ्च १३८
तमोऽन्त्यग्रासलक्षणं फलञ्च १२५ | मध्यविदरणमोक्षलक्षणं फलञ्च १३९
वर्णपरत्वेन ग्रहणकालिकराहुफलम् १२६ | अन्त्यविदरणमोक्षलक्षणं फलञ्च १३९
ग्रहणकालिकार्कचन्द्रयोर्ग्रहदृष्टि- | दशविधमोक्षा सूर्यग्रहणेऽपि
फलानि १२८ | विचारणीया १३९
ग्रहणकालिकार्कचन्द्रयोरुपरि | ग्रहणपश्चात्सप्ताहान्ते दृष्टोत्पातानां
गुरुदृष्टिफलम् १२८ | फलानि १४०
ग्रहणे उत्पातदर्शनादन्यग्रहण- | चन्द्रग्रहणानन्तरमर्कग्रहणफलम् १४१
परिज्ञानम् १२८ | अर्कग्रहणानन्तरञ्चन्द्रग्रहणफलम् १४२
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