बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)
Brihat Samhita of Varahamihira with Hindi Commentary
आचार्य वराहमिहिर / डॉ. सुरेशचन्द्र शास्त्री द्वारा
पृष्ठ 860, कुल 1105 में से
संदर्भ में पढ़ें39
Adhyaya Sloka | Adhyaya Sloka
वैदूर्यमुद्गाम्बुदमे liv 107 | शतपुष्पा lxxvii 8
वैदूर्यशङ्ख xiv 14 | ,,तमिषगा xxi 29
वैदूर्यसदृश xliii 46 | ,,तमिषजि ix 34
वैरमपसव्य liii 104 | ,,तमभिहितमेक xi 16
वैशाखेधर्म viii 9 | ,,तमष्टयुतं lxxxi 32
वैशाखेनिरुपहते xcv 2 | ,,तमिदमध्या cvii 13
वैशाखमासे v 75 | ,,तमेकाधिकमेके xi 5
वैश्यानां lix 6 | ,,तशोऽङ्कोल lv 27
वैश्वेयुगेशो viii 41 | ,,नैश्वरम्लेच्छ ix 40
वैष्णवश्वरकश्चैव lxxxvi 33 | ,,मयोद्गताम civ 48
व्यभ्रेनभसीन्द्र xlvi 45 | ,,म्भोःशिरसीन्दु lviii 43
व्यासंनभः xix 4 | ,,रदमलपूर्ण cv 10
व्याघ्रर्क्षवानर lxxxvi 28 | ,,रदर्भगुल्मवल्ली xcv 5
व्यायामशिखि lxxxvi 77 | ,,रदिकमलोदरा iii 24
व्यालंत्रयोदश vi 3 | ,,शरुधिर iii 30
व्यालसूकरोपमा xxxiii 28 | ,,शशोणित lxxviii 19
व्यासात्षोडश liii 23 | ,,शिकिरणरजत xi 14
श | ,,शितनये xvii 20
शकटानलोप viii 3 | ,,शिनिफलमुदक् xviii 8
,,कटेनोन्नतस्थे lxxxvi 74 | ,,शीजन्मभ्यन्न civ 8
,,कयवनदरदपारत xiii 9 | ,,स्तंवामेदर्शनं lxxxviii 18
,,कुनसमयेऽथवा liii 107 | ,,स्ताशान्तद्विज xlvii 27
,,क्रकुमार्यः xliii 39 | ,,स्तेऽवनिप्रदेशे lxxxi 26
,,क्रचापपरिघ xxviii 16 | ,,स्तौषधिद्रुमलता liii 88
,,क्रध्वजेन्द्रकील xlvi 74 | ,,स्त्रभयातङ्क xxx 17
,,क्रायुधपरिवेष xlvi 88 | ,,त्वानलग्रकोपा lxxxvii 43
,,क्रोनिर्कतस्तोयं xcviii 5 | ,,त्वान्तंस्त्री lxviii 24
,,ङ्कूपहता lx 6 | ,,स्त्रेणवेणी lxxviii 1
,,ङ्कृतिमिषेणु lxxxi 29 | ,,स्त्रेणशस्त्र liii 102
,,तपत्रकुरङ्गाखु lxxxvi 23 | शाकाश्वकर्णार्जुन liv 105