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सर्वकोश
बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)

बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)

Brihat Samhita of Varahamihira with Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर / डॉ. सुरेशचन्द्र शास्त्री द्वारा

DevanagariHindipublished1,105 पृष्ठ

पृष्ठ 844, कुल 1105 में से

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Adhyaya Sloka | Adhyaya Sloka
निष्पत्तिरग्नि . xxvi 13 | नैर्ऋत्यां दिशिदेशाः xiv 17
निष्पन्नशाली viii 30 | नैर्ऋत्यां दूताश्वोपकरण xcv 22
निष्पन्नसश्याङ्गल xcv 34 | नैर्ऋत्यांस्त्री lxxxvii 8
निष्पन्नोनच्छेद्योंनिकषैः l 8 | नैवदारुणता xc 7
निःस्वोऽतिस्थूलस्फिक् lxviii 17 | नैषामर्धः lxxxi 22
निहन्तिशुक्रः ix 41 | नोत्पातपरित्यक्तः vii 1
नीचेऽरिमेऽस्ते civ 53 | नोसंगतेनाति lxx 8
नीडेप्राक्शा xcv 3 | न्यग्रोधपलाशोदुम्बरैः liv 96
नीपेऽर्थाप्तिः lxxxv 6 | न्यग्रोधमधुकतिन्दुक li 17
नीराजनेनिवृत्ते xlv 11 | न्यग्रोधेनतुयवक xxix 3
नीलोत्पलालि xxxii 21 |
नीलोभुजगः liv 46 | प
न्रुतुरगकरि lxxxix 1 | पक्षाद्धानोः xcvii 1
,,पजयदम xliii 20 | ,,क्षैश्चतुर्भिरनिल xxxii 30
,,पतिरतोदैवज्ञं xlviii 80 | ,,क्षौधुन्वन्नशुभः xlv 10
,,पभयमत्यं lviii 50 | ,,क्षेखाद्वह्लाप्तिर्गौरस xlv 7
,,पतिरपि xlv 14 | ,,क्षग्रहसंयोगान्न v 17
,,पविपत्तिकरः xxx 25 | ,,क्षत्रिशं lxxxi 11
,,पसचिवान्तरतुल्यं liii 8 | ,,क्षदशाजेपुष्ये xxiii 9
,,पसन्दर्शनेग्राह्यः lxxxvi 50 | ,,क्षनदरमठ xiv 21
,,पसेनापति liii 14 | ,,क्षनिमित्तैः xxi 31
,,पाक्ष्या xcviii 14 | ,,क्षमिरायुः lxviii 77
नेच्छन्तिविनिर्गमं xxviii 9 | ,,क्ष्मलघुसर्वेषुसप्तमं civ 57
नेत्रान्तपाद lxviii 87 | ,,क्षवनस्पति lxxix 39
नेत्रेयस्याः lxx 19 | ,,क्षशिखो xlix 5
नेमीभागंबुद्ध्य्वा lxxxvii 21 | ,,क्षाङ्गुलानि मध्या lviii 27
नैकवर्णमणि xliv 25 | ,,क्षापरेवा lxix 31
'नैवंप्रंत्रत्वक् liv 115 | ,,क्षोन्नतिः lxvii 4
नैर्ऋतकोणे liv 98 | ,,हःशुभदोराज्ञां xlix 2
नैर्ऋतवायव्यस्थौ v 86 | ,,न्नाधिकं lxxvii 37
नैर्ऋतीकारणी lxxxvi 31 | ,,ध्यात्माननृपं lxxxvi 11