बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)
Brihat Samhita of Varahamihira with Hindi Commentary
आचार्य वराहमिहिर / डॉ. सुरेशचन्द्र शास्त्री द्वारा
पृष्ठ 834, कुल 1105 में से
संदर्भ में पढ़ें13
Adhyaya Sloka | Adhyaya Sloka
खण्डोवकः xlvii 24 | गार्गियं शिखिचार xi 1
खदिरपलाशो xliv 12 | ,,वोदीनाः xcii 1
खप्रकृति lxviii 111 | गिरयोऽन xxviii 6
खरेखरेपथिकागम xcv 52 | ,,रिदुर्ग xvi 37
खर्जूरजम्ब्बर्जुन liv 101 | ,,रिभिः पुरा xxxii 3
खर्जूरीष्ट्रिशिर liv 58 | ,,रिशिखर xvi 34
खलिनं हयाय xliv 22 | ,,रिसलिलदुर्ग xvi 6
खसमगधशिबिर xiv 6 | गीतरवत्तूर्य xlvi 61
खुरदेशे योग्रन्थिः lxxix 31 | गीतवादित्र xlvi 91
| गुग्गुलु बालक lxxvii 9
ग | ,,आत्रयस्य मूल्यं lxxxi 12
गच्छतस्तिष्ठतो lxxxvi 35 | ,,डणूपपाय xliii 38
,,च्छत्यध्वानं civ 44 | ,,रुणाजितेबुधे xvii 16
,,जदन्तः lxxix 19 | ,,रुणाजितेऽवनि xvii 13
,,तानि वर्षाणि viii 20 | ,,रुभृगुश्चापर ix 37
,,त्वा द्वितीय xlviii 75 | ,,रुसित xlvi 11
,,न्धर्वदेव xiii 8 | ,,हराजोवृषणोहंसः lvi 18
,,न्धर्वपुरं xcvii 13 | गृहचैत्य xlvi 70
,,मने कर्णसम xcv 25 | ,,हतरुस्तोरण xxx 6
,,रुडाकृतिश्च lvi 24 | ,,हनगर ग्रामेषु च liii 67
,,र्ताकुकुट lxxxviii 8 | ,,हपटलेऽर्थं xlv 8
,,र्भः पुष्टः xxi 35 | ,,हमध्येहस्तमितं liii 90
,,र्भयुता जठरे li 38 | गोगोष्ठसत्समागम xlv 5
,,र्भसमयेऽतिवृष्टि xxi 34 | ,,चरपीडायामपि xli 13
,,र्भाणां पुष्टिकराः xxi 18 | ,,जिह्वासंस्थानो l 7
,,र्भेष्वाप iii 16 | ,,धूमशालयिव xix 6
,,र्भोपघात xxi 25 | ,,पाः पशवोऽथ v 36
,,वि वस्त्र xli 3 | ,,पुच्छस्थेवल्मीकगे xcv 35
गान्धर्वनगर xxxvi 4 | ,,पैर्यष्टाहतानां ciii 13
,,धारयशो xiv 28 | ,,प्रवेशसमयेऽप्रतो xxiv 35
,,न्धार सौवीरक iv 23 | ,,महिषाज विषाणैः lvii 7
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