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सर्वकोश
बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary

महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा

DevanagariHindipublished800 पृष्ठ

पृष्ठ 331, कुल 800 में से

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अथ पिंडोत्पत्त्याध्यायः ३३३
लग्नाष्टकवर्गशोधम्

जन्मकालीन ग्रहाःचं. शु.सू.बु. बृ.श.मं.योग
राशयः१२३४५६७८९१०१११२-
रेखाः६३५२५५३६३४४३४९
त्रिकोण-शोधन३०२०२२०४०११११६
एकाधिपत्य शोधन००००२८०४००११८
राशिगुणन फल००००२०००३२००१११२राशिपिंड ७५
ग्रहगुणन फल०१०२०८ग्रहपिंड ३८

प्रत्येक अष्टकवर्गों में मेषादि राशियों में कितनी-कितनी रेखायें प्राप्त
हुई हैं और उनका योग क्या हुआ इत्यादि बातों को जानने के लिए सर्वाष्टक-
वर्ग चक्र दिया जाता है—
सर्वाष्टकवर्गचक्रम्

राशयः१२३४५६७८९१०१११२योग
सूर्याष्टकवर्ग५५४३४२४५६३३४४८
चन्द्राष्टकवर्ग५३५२४३४५५२४७४९
भौमाष्टकवर्ग३५४२३३२६३४२२३९
बुधाष्टकवर्ग४४६५५४४५४५४४५४
गुर्वष्टकवर्ग६५३३५४६५४४६५५६
शुक्राष्टकवर्ग६४७४४४४१३६५४५२
शन्यष्टकवर्ग७३४४२१२४५६१३३९
लग्नाष्टकवर्ग६३५२५५३६३४४३४९
ग्रहचं. शु.सू.बु. बृ.श.मं.
योग४२३२३८२५३२२६२९३७३३३४२९३२३८९