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सर्वकोश
बार्हस्पत्य सूत्र / अर्थशास्त्र (महर्षि बृहस्पति - प्राचीन दण्डनीति, राजधर्म एवं कूटनीति सटीक)

बार्हस्पत्य सूत्र / अर्थशास्त्र (महर्षि बृहस्पति - प्राचीन दण्डनीति, राजधर्म एवं कूटनीति सटीक)

Brihaspati Sutra or Barhaspatya Rajanitishastra with Commentary

महर्षि बृहस्पति (सम्पादक: डॉ. एफ. डब्ल्यू. थॉमस) द्वारा

DevanagariHindipublished100 पृष्ठ

पृष्ठ 34, कुल 100 में से

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पृष्ठ 34

२ बार्हस्पत्यसूत्रम् ।
नाग्निहोत्रवेदपाठादीनि च ॥१२॥
न तीर्थयात्रा ५ ॥१३॥
न राजसेवा च ॥१४॥
न स्त्रीसेवा च ॥१५॥
न म[१.ख]द्यं पिबेत् ॥१६॥
ब्राह्मणं न हन्यात् ॥१७॥
स्तेयं न कुर्यात् ॥१८॥
बहु न च स्रगनुलेपौ ६ ॥१९॥
न विषीदेत् ॥२०॥
न चातिकुप्येत् ॥२१॥
अविषये लोभमदानसंज्ञम् ७ ॥२२॥
केदारे बीजानि वापयेत् ॥२३॥
दानं कर्त्तव्यम् ॥२४॥
तदसहिष्णुता लोभः ॥२५॥
स्तेयं लोभश्च ॥२६॥
स्वद्रव्यव्ययहेतुः कामः ॥२७॥
गुरुदेवप्राज्ञनृपादिहिंसाबुद्धिः क्रोधः ॥२८॥
स्वशिरस्ताडनं च ॥२९॥


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