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सर्वकोश
बृहदारण्यकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

बृहदारण्यकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Brihadaranyaka Upanishad with Shankara Bhashya

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,402 पृष्ठ

पृष्ठ 23, कुल 1402 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 23

( १६ )

विषयपृष्ठ
१३४—सर्वान्तर आत्माका निरूपण ...... ६६८
१३५—आत्माकी अनिर्वचनीयता ...... ७०२

पञ्चम ब्राह्मण

१३६—याज्ञवल्क्य-कहोल-संवाद ... ... | ... ७०६
१३७—संन्याससहित आत्मज्ञानका निरूपण ... | ... ७०६

षष्ठ ब्राह्मण

१३८—याज्ञवल्क्य-गार्गी-संवाद ... ... | ... ७३५
१३९—जलसे लेकर ब्रह्मलोकपर्यन्त उत्तरोत्तर अधिष्ठान तत्त्वोंका निरूपण ... ... , | ७३६

सप्तम ब्राह्मण

१४०—याज्ञवल्क्य-आरुणि-संवाद ... | ... ७४१
१४१—सूत्र और अन्तर्यामीके विषयमें प्रश्न ... | ... ७४१
१४२—सूत्रका निरूपण ... ... | ... ७४६
१४३—अन्तर्यामीका निरूपण ... ... | ... ७४६

अष्टम ब्राह्मण

१४४—दो प्रश्न पूछनेके लिये गार्गीका आज्ञा माँगना |
१४५—पहला प्रश्न ... ... | ... ७६१
१४६—याज्ञवल्क्यका उत्तर ... ... | ... ७६२
१४७—उपक्रमसहित दूसरा प्रश्न ... ... | ... ७६४
१४८—याज्ञवल्क्यका उत्तर ... ... | ... ७६५
१४९—अनुमानप्रमाणद्वारा अक्षरका निरूपण ... | ... ७६६
१५०—अक्षरके ज्ञान और अज्ञानके परिणाम ... | ... ७७६
१५१—अक्षरका स्वरूप, लक्षण और अद्वितीयत्व ... | ... ७७८
१५२—गार्गीका निर्णय ... ... | ... ७८०

नवम ब्राह्मण

१५३—याज्ञवल्क्य-शाकल्य-संवाद ... ... | ... ७८४
१५४—देवताओंकी संख्या ... ... | ... ७८५
१५५—तैंतीस देवताओंका विवरण ... ... | ... ७८७
१५६—वसु कौन हैं ? ... ... | ... ७८८
१५७—रुद्र कौन हैं ? ... ... | ... ७८६