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सर्वकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

पृष्ठ 528, कुल 737 में से

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पृष्ठ 528

( १४२ )
ग्राणेनैतिकला$^१$भूर्यदि$^५$ तत्कुकुतो$^२$ व्रजेत्किमध्यानाम् ।
आर्वर्तनमुर्व्याश्चे$^६$त्त$^३$ पतंति समुच्छ्रयः$^४$ कस्मात् ॥ १७ ॥
उदयिके$^१$ यः परिधिर्विषमोन्योन्य$^२$ समेन्यभुजस्य$^३$ गुणः ।
तदसद्विषमांतफलं यतोन्य$^५$युग्मादि$^४$ फल तुल्यम् ॥ १८ ॥
विषमोन्योन्ये$^१$ युग्मे$^२$ परिधिर्गुणकः क्रमोक्रमाद्यानाम्$^३$ ।
चक्रार्द्धे फलनाशो न भवति यस्मादसत्तदपि ॥ १९ ॥
व्यासार्द्धहतो$^२$ बाहुः परिधिविशेषाहतः फलोनयुतः ।
प्रथमोधिकोनकोय$^३$ तदसत्पदयोः$^१$ परिधिपाठात् ॥ २० ॥

१७. (घ) १. कलां (ग) (च) for (कला)
२. तत्कुकुतो (ग) तत्क्व कुतो (तत्कुकुतो)
३. चेन्न for (चेत्त)
४. समुच्छ्यः (ग) समुच्छ्रयाः for (समुच्छ्रयः)
(ग) ५. भूयदि for (भूर्यदि)
६. आवर्तनमुर्व्याश्चेन्न (च) for (आर्वतनमुर्व्याश्चेत्त)
(च) ४. समुच्छ्रयः for (समुच्छ्रयः) २. तत्क्वकुतो for (तत्कुकुतो)
१८. (घ) १. औदयिके (ग) (च) for (उदयिके)
२. द्विषमेन्योन्य (ग) विषमेन्योन्यः for (विषमोन्योन्य)
३. समे भुजस्य गुणः (ग) समे भुजंस्य गुणः for (स मेन्यभुजस्य गुणः)
४. यग्मादि for (युग्मादि)
(ग) ५. यतोन for (यतोन्य)
(च) २. वृविषमे for (विषमो) ३. समे भुजस्य for (समेन्यभुजस्य)
१९. (घ) १. विषमे (ग) (च) for (विषमो) २. न्यो (ग) for (न्योन्ये)
३. क्रमोत्क्रमज्यानाम् (ग) for (क्रमोक्रमाद्यानाम्)
(घ) १. विषमेन्योन्योयुग्मे for (विषमोन्योन्ये युग्मे)
३. क्रमोक्रमाद्यानां for (क्रमोक्रमाद्यानां)
२०. (घ) १. कोयत्तदसत् for (कोयतदसत्) (ग) २. हृतौ for (हतो)
(च) २. हृतो for (हतो) १. यत्तदसत्पदयोः for (यतदसत्पदयोः)