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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 514

( १२८ )
सहिता विक्षेपांश⁴स्तत्त्वापांशकवशादुदग्याम्या¹ ।
एवं विक्षेपांशाः² तक्रांत्यंशै⁵र्ध्रुवो³ रविवत् ॥ ४८ ॥
उनै²मानैक्याद्धार्द्धात् गृहयोर्मध्यांतरे³ युतिर्गृहयोः⁴ ।
समलिप्तिकयो र्ग्रहणादधिके¹ स्फुट मानयोगाद्धार्द्धात्⁵ ॥ ४९ ॥
समलिप्तिकालिकार्कात्⁴ कृत्वा लग्नं स्वदेश³राश्युदयैः² ।
गृहयोः समलिप्तिकयोः स्व⁶दिनोदिननाडिका¹ प्राग्वत्⁵ ॥ ५० ॥
अधिकदिनोदितघटिकाभिरूनदिननाडिका गुणा भक्ताः³ ।
अधिकदिन¹नाडिकाभिः फलनाड्यौ² यदि भवन्त्यूनाः⁴ ॥ ५१ ॥

४८. (घ) ४. विक्षेपांशा (ग) for (विक्षेपांश)
१. याम्याः (ग) (च) for (याम्या)
५. तत्