ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
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<sup>१</sup>दृग्गलग्न दृष्टिभाग <sup>४</sup>ग्रहोदयास्तमयनाडिकाद्येषु ।
<sup>२</sup>मया<sup>६</sup>ध्यायः चतुर्दश<sup>३</sup>भिरार्याभिः ॥ १४ ॥
<sup>५</sup>इत्ति ब्रह्मगुप्ते षष्ठोऽध्यायः ।
१४. (घ) इसकी क्रमसंख्या १२ है (ग)
१. दृल्लग्न दृष्टिभाग (ग) दृग्लग्नद्विदृष्टिभाग for (दृग्गलग्न दृष्टिभाग)
२. उदयास्तमयाध्यायः षष्ठो (ग) (क) उदयास्तमयो for (मयाध्यायः)
३. द्वादशभिरार्याभि । द्वादशभिरार्याभिः । for (चतुर्दशभिरार्याभिः)
५. 'इति' से 'अध्यायः' तक मूल प्रति में नहीं है । केवल समाप्तिसूचक “छः”
चिन्ह है ।
(क) ६. ऽध्यायाषष्टो द्वादशाभिरा र्याभिः for (अध्यायः चतुर्दशभि रायाभिः ।।१४।।)
(च) २. उदयास्तमयाध्यायः षष्ठो for (मयाध्यायः)
३. द्वादशभि for (चतुर्दशभि)
४. 'इति' से 'अध्यायः' तक लुप्त है ।