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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

पृष्ठ 456, कुल 737 में से

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पृष्ठ 456

( ७० )
क्रान्तिव्यासाद्धंगुणां ३२७० जिनभागज्या १३२६४ हतातुरजादौ ।
कर्कादौ चक्राद्धौत्प्रोक्तुलादौ स चक्रार्द्धं ॥ ६१ ॥
चक्रात्प्रोह्य मृगादौ स्फुटो सकृत् व्यस्तमृणं धनंमध्यम् ।
अर्कास्माद्देशान्तरयुगयाते मध्यमा प्राग्वत् ॥ ६२ ॥
६१. (घ) १. क्रान्तिव्यासार्धं गुणाः (ग) क्रान्तिव्यासार्द्धं गुणा (क) for (क्रान्तिव्यासाद्धं
गुणा)
२. कर्यादौ (ग) (क) (च) for (कर्कादौ)
३. प्रोत्तुलादौ (ग) प्रोह्य (क) for (प्रोक्तुलादौ)
४. वक्रार्धम् (क) चक्रार्द्धं (सभाषेन) for (चक्रार्द्धं)
५. १३२६ for (१३२६४)
६. धनुरजादौ (ग) हृता धनुरजादौ (क) for (हतातुरजादौ)