ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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मृगकर्काद्यादूनाधिका स्वमध्यमगतिः स्फुटाकेंदोः ।
शीघ्रगतिमंदफलस्फुटभुक्तच्यूनां कुजादिना ॥ ४२ ॥
शीघ्रफलं भोग्यजीवागुणिता माघजीवया विभजेत् ।
फलगुणितं व्यासाद्धं विभाजयेत् शीघ्रकरणेन ॥ ४३ ॥
४२. (घ) १. मृगक्कर्धादावूना (ग) (क) मृगकर्काद्यवूनाधिका for (मृगकर्काद्यादूनाधिका)
२. स्फुटाकेंदो: (ग) (क) स्फुटाकेंदो: for (स्फुटाकेंदोः)
३. शीघ्रगति (क) शीघ्रगतिः for (शीघ्रगति)
४. भक्तूनां (ग) भुक्तच्यूनां (क) भुत्तचूनां (ख) for (भुक्तच्यूनां)
५. कुजादीनाम् । (ग) (क) (ख) कुजादीनाम् for (कुजादिना)
(ग) ६. स्वमध्या for (स्वमध्यम)
७. मंदफल (ख) म