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सर्वकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

पृष्ठ 389, कुल 737 में से

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पृष्ठ 389

( ३ )
मनुरेक सप्ततियुगः² कल्पो³ मनवश्चतुर्दश मनूनाम् ।
आद्यंतरांतसंधिषु⁵ कृतकालो⁴ऽस्माद्द्युगसहस्रम्⁶ ॥ १० ॥
४३२०००००००¹
आद्यंतरातसंधिषु⁴ कल्पमनूनां⁵ कृताब्दसमकालम्⁶ ।
नेच्छंति ये षडूनं¹ तेषां कल्पो युगसहस्रम्² ॥ ११ ॥
४२६४०८००००
मनुसंधियुग⁵मिच्छत्यार्यभटस्तन्मनुर्यतस्त्वयुगः ।
कल्पश्चतुर्युगानां² सहस्रमष्टाधिकं³ तस्य ॥१२॥
४३५४५६००००⁴

१०. (घ) २. ४३२०००००० for (४३२०००००००) (क) संख्या लुप्त है। टीका में
अंकित है।
(ग) २ + ७१ + (च)
३ कल्पो नवचतुर्दश १४ (च) for (कल्पोमनवश्चतुर्दश