बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)

बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)
Bisaldev Raso of Narapati Nalha on Ajmer Chauhans
नरपति नाल्ह द्वारा
DevanagariHindipublished315 पृष्ठ
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संकेत-सूची
१. सं०—संवत् ।
२. ना० प्र० प०—नागरी प्रचारिणी पत्रिका ।
३. वि० सं०—विक्रमी संवत् ।
४. जे० आर० ए० एस० 'बी०'—जर्नल आफ दी रायल एशियाटिक
सोसाइटी (बंगाल)
५. सं०—सम्पादक ।
६. ई० स०—ईसवी सन् ।
७. जे० ए० एस० 'बी०'—जर्नल एशियाटिक सोसाइटी (बंगाल)
८. आई० ए०—इण्डियन एण्टिक्वेरीज ।
९. जे० एण्ड पी० ए० एस० 'बी०'—जर्नल एण्ड प्रोसीडिंग्स
एशियाटिक सोसाइटी (बंगाल)
१०. हिं० सा० इ०—हिन्दी-साहित्य का इतिहास ।
११. अ० २—'अ' समूह की सं० १६६७ वाली प्रति ।
१२. आ० ६—'आ' समूह की सं० १७२४ वाली प्रति ।
१३. आ० ६—'आ' समूह की सं० १७५१ वाली प्रति ।
१४. आ० १२—'आ' समूह की सं० १७७५ वाली प्रति ।