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सर्वकोश
भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)

भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)

Bhusundi Ramayana: Purva Khanda with Commentary

महर्षि भुशुण्डि (सम्पादक: डॉ. भगवतीप्रसाद सिंह) द्वारा

DevanagariHindipublished423 पृष्ठ

पृष्ठ 342, कुल 423 में से

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पृष्ठ 342

or णी? ण with ee matra: णी)
च्य (cya)
व (va)
र्णं (rṇaṃ)
Wait, could it be "सुरौघैरणीच्यवर्णं"?
Wait, what is "अणीच्य"?
Could it be "सुरौघैरनीच्यवर्णं"? It's ण, अणीच्यवर्णं. Let's keep सुरौघैरणीच्यवर्णं.

Line 4:
तथेन्दुवर्णं महसा विभक्तं कूटं परं ब्रह्मविदेकरूपम् ॥ १७ ॥

Line 5:
कूटस्थमुग्रं विपुलं च कालं करालकायं विलसत्कोटिदंष्ट्रम् ।

Line 6:
प्रभूततेजो विशदाकृतिं विभुं विभासितं ज्वालमालापरीतम् ॥ १८ ॥

Line 7:
विरजां च नदीं पूर्णां ब्रह्माण्डगणकोटिभिः ।
Wait, does पूर्णा have an anusvara in line 7?
Look at line 7:
"विरजां च नदीं पूर्णा ब्रह्माण्डगणकोटिभिः ।"
There is no anusvara on पूर्णा, it is printed as पूर्णा.

Line 8:
अपश्यत्तस्य देवस्य दण्डेन खलु कालितैः ॥ १९ ॥

Line 9:
`कालग्रस्तानि तत्रैव भुव