भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)

भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)
Bhusundi Ramayana: Purva Khanda with Commentary
महर्षि भुशुण्डि (सम्पादक: डॉ. भगवतीप्रसाद सिंह) द्वारा
DevanagariHindipublished423 पृष्ठ
पृष्ठ 257, कुल 423 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 257
मलकच्छ" or "मल्ल"?
Look at:
न - टो - चि - ता - च्छ (toccḥa)
Then: 'म'
Then: 'ल'
Then: 'क'
Then: 'च्छ'
Wait, is it "मलकच्छ" or "मल्ल"? It is 'म' 'ल' 'क' 'च्छ'!
Wait, could it be "नटोचिताच्छमलकच्छचित्रवर्णचारुता-"?
Let's look at the letters:
न (na)
टो (ṭo)
चि (ci)
ता (tā)
च्छ (ccha)
म (ma)
ल (la)
क (ka)
च्छ (ccha)
चि (ci)
त्र (tra)
व (va)
र्ण (rṇa)
चा (cā)
रु (ru)
ता (tā)
- (hyphen)
Yes! "नटोचिताच्छमलकच्छचित्रवर्णचारुता-"
Line L31:
चमत्कृताभकच्छिकासुदर्शनीयवेषभाक् ॥ ५९० ॥
Wait! Let's examine:
च - म - त्कृ - ता - भ - क - च्छि - का - सु - द - र्श - नी - य - वे - ष - भा - क्
॥ ५९० ॥
Wait, is it "चमत्कृताभकच्छिका..."?
Let'