भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें'कन्या' लग्न | क्रमांक पृ०सं०
क्रमांक पृ०सं० | १३३. 'राहु' ३७०
९७. 'कन्या' लग्न का फलादेश २६४ | १३४. 'केतु' ३७४
९८. 'सूर्य' का फलादेश २६५ | वृश्चिक लग्न
९९. 'चन्द्रमा' का फलादेश २६५ | १३५. 'वृश्चिक' लग्न का फलादेश ३७८
१००. 'मंगल' का फलादेश २६६ | १३६. 'सूर्य' का फलादेश ३७९
१०१. 'बुध' का फलादेश २६७ | १३७. 'चन्द्रमा' का फलादेश ३८०
१०२. 'गुरु' का फलादेश २६७ | १३८. 'मंगल' का फलादेश ३८०
१०३. 'शुक्र' का फलादेश २६८ | १३९. 'बुध' का फलादेश ३८१
१०४. 'शनि' का फलादेश २६८ | १४०. 'गुरु' का फलादेश ३८१
१०५. 'राहु' का फलादेश २६९ | १४१. 'शुक्र' का फलादेश ३८२
१०६. 'केतु' का फलादेश ३०० | १४२. 'शनि' का फलादेश ३८२
१०७. 'सूर्य' ३०० | १४३. 'राहु' का फलादेश ३८३
१०८. 'चन्द्रमा' ३०४ | १४४. 'केतु' का फलादेश ३८४
१०९. 'मंगल' ३०८ | १४५. 'सूर्य' ३८४
११०. 'बुध' ३१२ | १४६ 'चन्द्रमा' ३८८
१११. 'गुरु' ३१६ | १४७. 'मंगल' ३९२
११२. 'शुक्र' ३२० | १४८. 'बुध' ३९६
११३. 'शनि' ३२४ | १४९. 'गुरु' ४००
११४. 'राहु' ३२८ | १५०. 'शुक्र' ४०४
११५. 'केतु' ३३२ | १५१. 'शनि' ४०८
| १५२. 'राहु' ४१२
| १५३. 'केतु' ४१६
तुला लग्न | 'धनु' लग्न
११६. 'तुला' लग्न का फलादेश ३३६ | १५४. 'धनु' लग्न का फलादेश ४२१
११७. 'सूर्य' का फलादेश ३३७ | १५५. 'सूर्य' का फलादेश ४२२
११८. 'चन्द्रमा' का फलादेश ३३७ | १५६. 'चन्द्रमा' का फलादेश ४२२
११९. 'मंगल' का फलादेश ३३८ | १५७. 'मंगल' का फलादेश ४२३
१२०. 'बुध' का फलादेश ३३८ | १५८. 'बुध' का फलादेश ४२४
१२१. 'गुरु' का फलादेश ३३९ | १५९. 'गुरु' का फलादेश ४२४
१२२. 'शुक्र' का फलादेश ३४० | १६०. 'शुक्र' का फलादेश ४२५
१२३. 'शनि' का फलादेश ३४० | १६१. 'शनि' का फलादेश ४२५
१२४. 'राहु' का फलादेश ३४१ | १६२. 'राहु' का फलादेश ४२६
१२५. 'केतु' का फलादेश ३४१ | १६३. 'केतु' का फलादेश ४२७
१२६ 'सूर्य' ३४२ | १६४. 'सूर्य' ४२७
१२७. 'चन्द्रमा' ३४६ | १६५. 'चन्द्रमा' ४३१
१२८. 'मंगल' ३५० | १६६. 'मंगल' ४३५
१२९. 'बुध' ३५४ | १६७. 'बुध' ४३६
१३०. 'गुरु' ३५८ | १६८. 'गुरु' ४४३
१३१. 'शुक्र' ३६२ |
१३२. 'शनि' ३६६ |