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सर्वकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 427, कुल 638 में से

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'धनु' लग्न की कुण्डली के 'द्वितीयभाव' स्थित 'मंगल' का फलादेश
धनुलग्न : द्वितीयभाव : मंगल दूसरे भाव में शत्रु 'शनि' की राशि पर स्थित
'मंगल' के प्रभाव से जातक धन का सामान्य संचय
करता है तथा उसे कौटुम्बिक सुख कुछ कमी के साथ
मिलता है। चौथी दृष्टि से स्वराशि में पंचम भाव
को देखने से विद्या तथा सन्तान की शक्ति प्राप्त
होती है !
सातवीं नीच-दृष्टि से अष्टम भाव को देखने
से आयु तथा पुरातत्त्व के क्षेत्र में कमी रहती है।
आठवीं मित्र-दृष्टि से नवमभाव को देखने से बड़ी कठिनाइयों के साथ भाग्योन्नति में
थोड़ी-बहुत सफलता मिलती है तथा धर्म का पालन भी कम ही हो पाता है।
'धनु' लग्न की कुण्डली के 'तृतीयभाव' स्थित 'मंगल' का फलादेश
धनुलग्न : तृतीयभाव : मंगल तीसरे भाव में शत्रु 'शनि' की राशि पर
स्थित 'मंगल' के प्रभाव से जातक के पराक्रम में वृद्धि
होती है तथा भाई-बहिन का सुख कुछ कमी के साथ
मिलता है। विद्या तथा सन्तान-पक्ष भी कमजोर
रहता है। चौथी शत्रु-दृष्टि से षष्ठ भाव को देखने से
शत्रु पक्ष पर विजय मिलती है।
सातवीं मित्र-दृष्टि से नवम भाव को देखने से
भाग्य तथा धर्म की उन्नति होती है। आठवीं मित्र-
दृष्टि से दशम भाव को देखने से पिता, राज्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में न्यूनाधिक
सफलता मिलती रहती है। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं !
'धनु' लग्न की कुण्डली के 'चतुर्थभाव' स्थित 'मंगल' का फलादेश
धनुलग्न : चतुर्थभाव : मंगल चौथे भाव में मित्र 'गुरु' की राशि पर स्थित
'मंगल' के प्रभाव से माता, भूमि तथा भवन के सुख
की हानि होती है। सन्तान तथा विद्या का पक्ष भी
कमजोर रहता है। चौथी मित्र-दृष्टि से सप्तमभाव
को देखने से स्त्री तथा दैनिक व्यवसाय के क्षेत्र में
कुछ कठिनाइयों से काम चलता है।
सातवीं मित्र-दृष्टि से दशम भाव को देखने से
पिता, राज्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में कुछ कमी के
साथ सफलता मिलती है। आठवीं शत्रु-दृष्टि से एकादशभाव को देखने से बुद्धियोग
के आमदनी बढ़ती है तथा बाहरी सम्बन्धों से लाभ होता है !