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सर्वकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 201, कुल 638 में से

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पृष्ठ 201

है;" - is it a semicolon (;)?
"मिष्टान्न-भोजी होता है; परन्तु इसके साथ ही"
Yes, it is a semicolon (;) followed by "परन्तु".

Line 10:
"अत्यन्त ढीठ, कुटिल-स्वभाव, मित्र-द्रोही तथा कभी-कभी विपरीत-बुद्धि का परिचय"
"ढीठ" - ढ + ी + ठ. Correct.
"कुटिल-स्वभाव" - hyphenated.
"मित्र-द्रोही" - hyphenated.
"कभी-कभी" - hyphenated.
"विपरीत-बुद्धि" - hyphenated.

Line 11:
"देने वाला भी होता है।"

Line 12:
"इस लग्न वाला व्यक्ति अपने शत्रुओं से पीड़ित रहता है। उसके कन्या-"
"कन्या-" - hyphen at end of line.

Line 13:
"सन्तानें अधिक होती हैं तथा उसे अपना जन्म-स्थान छोड़कर परदेश में निवास करना"
"जन्म-स्थान" - hyphenated.

Line 14:
"पड़ता है।"

Line 15:
"इस लग्न पाने जातक का भाग्योदय १६-१७ वर्ष की आयु में ही ही जाता है।"

Wait, what about the chart?
Let's include the chart representation clearly between and .
Everything looks solid and accurate.२०६
'कर्क' लग्न
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