भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)
Bhojanakutuhala of Raghunatha Navahasta
रघुनाथ नवहस्त (सम्पादक: सूरनाड कुंजन पिल्लै) द्वारा
पृष्ठ 294, कुल 358 में से
संदर्भ में पढ़ें45
• श्लोका• | पुटम् | • श्लोका• | .. पुटम्
श्लेष्मजस्य | 228 | बहिष्पावरजः | • 5
'श्लेष्मघ्नी कृमिजित् | '111' | संक्षेप एषो• | 226
श्लेष्मलं सह | 85 | समावसद्दशा | 43
श्लेष्ममेद | 228 | संयुक्ता सूप | . 31
श्लेष्मकं गुरु | 149 | संशूलानाह | 96
श्लेष्मलः कटुकः | 67 | 'संसेव्यन्तु | 230
श्लेष्मकारवांश्च | 3 | संसेविता न | 229
श्लेष्मला स्वादु | 116 | संस्कारगुरु | 2
श्लेष्मको वात | 103 | ,, | 217
श्लेष्मातकफलं | 113 | संस्कृतं मथितं | 28
श्लेष्मात्मकः | 90 | संस्थाप्य शीतले | 49
श्वानविष्टी | 66 | संहितं धान्य | 123
श्वविद्गोधा | 208 | सकलमप्युदितानुदितं | 205
श्वासं निवारयति | 165 | सकलामयदर्शनं | 181
श्वासकासकफान् | 61 | सकल्कं श्वोदितं | 121
श्वासाङ्गमर्द | 164 | सकषायं स्वरारोग्य | 169
श्वासाङ्गमर्दहल्लास | 160 | सक्तवो लघवः | 24
| 115 | सक्तवो वातला | 201
श्वासापचार | 99 | सक्तवः शर्करा | 23
श्वानानशौ | 221 | सक्तवः शालि | 23
श्वावोर्ध्वकासा | 32 | सक्तूनामाश्रु | 217
श्वेतं दुकूलं | 229 | सक्तून् मांस | 212
,, | 229 | सक्षारं कटुकाम्लत्वात् | 149
श्वेतं सुकाचं | 173 | सक्षाराः सकषायाश्च | 156
श्वेतसूरणको | 61 | सक्षीरा बृंहणा | 24
श्वेताक्षिसी | 66 | स गर्गरो गर्गरनाद | 173
श्वेतवल्ली |