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सर्वकोश
भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)

भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)

Bhojanakutuhala of Raghunatha Navahasta

रघुनाथ नवहस्त (सम्पादक: सूरनाड कुंजन पिल्लै) द्वारा

DevanagariSanskritpublished358 पृष्ठ

पृष्ठ 290, कुल 358 में से

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पृष्ठ 290

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श्लोकाः पृष्ठम् श्लोकाः पृष्ठम्
विषाग्निवापि 202 वृष्यं दीपन 182
विषह्रदः श्याम 196 वृष्यं बृंहणं 128
विषहृत्पान्त 224 वृष्यं मेदःकरं 136
विषहृद्धात्री 212 वृष्यं वर्णकरं 104
विषभूताश्चि 64 वृष्यं स्वादुतरं 77
विषमूत्रपुरीषवात 220 वृष्यः पित्तानिलं 96
विषगोमयं 90 वृष्यः शीतो 7
189 वृष्यः श्रमहरो 11
विषव्रणभ्रान् 4 वृष्यः सन्तर्पणो 80
विषभ्रमानिल 214 वृष्यः स्थौल्यकरो 8
विषसाम्यगुणत्वात् 155 वृष्ययोगैः 167
विषस्य तैजस्य ,, वृष्यश्च पित्तघ्न 156
विष्टम्भिनी न 36 वृष्यश्च मेधास्वर 61
विष्टम्भिनी हरेत् 30 वृष्यश्च रोचनः ,,
विष्टम्भिनो ज्वर 47 वृष्यश्च वीर्यवृद्धिं 94
विष्टम्भि बृंहणं 90 वृष्याः पैत्तं पित्त 50
102 वृष्या क्रिमिहरा 80
वि रुच्य 82 वृष्या क्षतक्षीण 163
विष्णुक्रान्तस्तु 63 ,, 161
विष्णुरता यथैव 218 वृष्या युतिबलप्रदा 160
विशं च रोचनं 178 ,, 164
वीराग्रंणो निशि 222 वृष्या रोचन 45
वीर्यं कफकरं 195 वृष्या वातप्रदा 81
वीर्यप्रण 112 वृष्याश्च रोचना 5-
वृक्षवाटमुवं 70 वृष्या सन्तर्पणी 70
वृक्षायाः कफहृत् 127 वृष्यो रक्तघ्न 157
वृद्धिं करोति 150 वृष्यो रुचिप्रदो 9
वृन्ताकं खण्डितं, 109 वृष्यो रुच्यो 75
वृन्ताकं पित्तल 87 वृष्यो विदाह 164
वृष्यं चकोरजं 172 वेल्लयेद्वेलनेन 44
वृष्यं दाहश्रम * 78 वैशाखे नैर्ऋतं 186
व्यङ्गवलीपलितघ्नं 191
1081