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सर्वकोश
भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)

भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)

Bhojanakutuhala of Raghunatha Navahasta

रघुनाथ नवहस्त (सम्पादक: सूरनाड कुंजन पिल्लै) द्वारा

DevanagariSanskritpublished358 पृष्ठ

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श्लोका• पृष्ठम् | श्लोका• पृष्ठम्
प्रमेहिणो घृते 14 | फलं तु मधुरं .90
प्रमेहंतृद 228 | फलं त्रिदोष 81
प्रमेहसूत्र- 66 | फलं हिमादि 106
प्रशस्तभूमि 185 | फलतुल्यगुणं ”
प्रशस्ता गर्मे .23 | फलपत्रे 220
प्रशस्यते 19 | फलम्मारविचं 185
” 109 | फलानि माघवतू 81
प्रसारिणी 72 | फलाव्वाहैः 216
प्रसारिता 50 | फलेषु परिणतं 105
प्रसूतदोषात् 127 | फलेषु लकुचं 211
प्रसेक्श्वास 85 | फलैः कटुकवाटैः 219
प्रस्थाधे 47 | फलोत्थदंष्ट्र 110
प्रागद्रवं पुरुषो 193 | फांटस्त्व फलं 99
प्राचीनामलकं 97 | फाणितं गुर्वाभिष्यन्दि 162
प्राच्यावन्त्युप 184 | फाल्गुने कूप 186
प्रातस्सायं 130 | फुत्कारविष 178
प्राप्यन्नं 197 | फेनोन्भैराजी 196
प्रायः पयो 126 | फोड़ाळः केन्य 6४
प्रायः प्रभातिकं 131 | बदर मधुरं 94
प्रायः शाकानि 39 | बदरीखम्भवैः 194
प्रायशो यवमध्ये 66 | बद्धमूत्रार्थोप 96
प्रावृड्जलद 178 | बद्धविट्काः 8
प्रावृड्भवन्त 192 | बदोडवडः 185
प्रियालतंले 154 | बलकृत्कफ 151
प्रियालमज्जा 97 | बलकृद्दीपनो 168
प्रीणनं मधुरं 184 | बलकृदृवृंहणं 151
प्रीणनो वात 53 | बलक्षये पाण्डुरोगे ”
प्रोक्तां रम्भा 106 | बलपुष्टिकारं च 91
प्रोक्तिक्षता 33 | बलपुष्टिकरा पथ्या 175
प्लीहगुल्म 112 | बलपुष्टिकरा वीर्ये 81
प्लीहगुल्मोदर 90 | बलपुष्टिकरी रुच्या 67
फलं कदल्याः 198 | बलपुष्टिकरी हृद्या .86
फलं तालस्य 102 | बलपुष्टिप्रदम् 170
फलं तिक्तां 99 | बलपुष्टिप्रभावण्यं 21