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सर्वकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,167 पृष्ठ

पृष्ठ 925, कुल 1167 में से

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पृष्ठ 925

'शु' then 'क्ल' + आ = 'शुक्ला'!
Wait, let's look at the letter:
Top: शु
Next: क + ल = क्ल + ा = शुक्ला. Yes, it clearly has the 'ल' hook at the bottom of 'क'! So it's printed "शुक्ला".

Line 11:
खिचड़ी बनाने की विधि—चावलों में बराबर की दाल मिलाकर यदि जल में पकाई जाय और उसमें
Yes.

Line 12:
आवश्यकतानुसार सेंधा नमक, अदरख तथा हींग डाल दिया जाय तो सिद्ध होने पर उसे पण्डित लोग संस्कृत में ‘कृशरा’
Yes, quotes: ‘कृशरा’.

Line 13:
कहते हैं।
Yes.

Line 14:
खिचड़ी—शुक्रजनक, बलकारक, गुरु, पित्त तथा कफकारक, देर में हजम होने वाली एवम् बुद्धि बढ़ाने वाली,
Yes.

Line 15:
विष्टम्भ करने वाली तथा मल एवं मूत्र को कराने वाली होती है। [९-१०]
Yes.

Line 16:
अथ तापहरी। तस्याः साधनं गुणाँश्चाह
Yes.

Line 17:
घृते हरिद्रासंयुक्ते माषजा भर्जयेद्वटीम् ॥११॥
Wait, let's check: "माषजा" or "माषजां"?
Look at "माषजा": is there an anusvara?
No anusvara