भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंनिघण्टु-विवरण में आये हुए द्रव्यों की अकाराद्यनुक्रमणिका ३५
विषया: पृ० | विषया: पृ० | विषया: पृ०
गिलोय शाक ४४७ | चमेली ६५१ | जम्बीरी नींबू ७५०
गुञ्जा (श्वेत, रक्त) ५२५ | चव्य २२३ | जल ८९५
गुड़ ९४२ | चांदी ७५९ | जलकुम्भी ६४६
गुड़हर ६६५ | चावल ८९४ | जलचौलाई ८१९
गुलाब ६४८ | चित्रक २२५ | जलपीपल ६३१
गुहाशय जीव ८५६ | चिपिटा (चिउड़ा) ८९३ | जलमहुआ ७३७
गूग्गुल ३८९ | चिरचिरा ५८० | जलवेतस (जलमाला) ५३३
गूमा ८२६ | चिरबिल्व (करंजभेद) ५२५ | जलसिरिस ७०३
गूलर ६७५ | चिरौंजी ७३२ | जव ७९४
गेरू ७७४ | चिह्नुक ५३० | जवाखार ३५३
गेहूँ ७९५ | चीना ८०९ | जबाद कस्तूरी ३७२
गोखरू (छोटा) ४६९ | चीता २२४ | जवासा ५७६
गोखरू (बड़ा) ४७० | चीनिया कपूर ३६४ | जस्ता ७६१
गोजिह्वा ८२७ | चुम्बक ७७४ | जामुन ७२७
गोंदपटेर (गुन्द्र) ५४९ | चूक ३६१,८२३ | जावित्री ४०२
गोमेद ७८१ | चूका ८२४ | जायफल ४००
गोलोचन ४१७ | चोबचीनी २४८ | जारूल ७०६
गोह ८५६ | चौपतिया ८२५ | जिंगीनी ६९०
गौरखटिका (सफेद खड़िया) ७७५ | चौलाई ८१८ | जीवन्ती ४७१
ग्राम्य (पशु) ८५८ | छ | जुआर ८१३
घ | छत्रक ८५४ | जूही ६५२
घीकुआर ५८४ | छरीला ४२४ | ज्योतिष्मती (मालकाँगनी) २८६
घृत ९२२ | छुहारा ७४४ | झ
च | छोंकर ७०३ | झड़बेर ७३०
चकवड़ ३१८ | छोटी इलायची ४०६ | ट
चकोतरा (नीबू) ७४९ | छोटी जामुन ७२८ | टङ्कारी ५३१
चचेण्डा ८३४ | छोटी दूधी ६२१ | टिंडा ८४१
चंचु ८२४ | ज | ड
चणक (चना) ८०१ | जंगली उशबा २४९ | डोडिका (करेरुआ) ८४३
चन्दन ३७३ | जंगली तोरई ८३७ | ढ
चन्द्रिका (हालों) २४१ | जंगली प्याज ३२८ | ढाक ६९४
चना ८०२ | जटामांसी ४२१ | ढाढोन ७०३
चनाखार ३५२ | जबाद कस्तूरी ३७२ | त
चम्पा ६५३ | जमालगोटा ५६७ | तक्र ९१८