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सर्वकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,167 पृष्ठ

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संक्षिप्त विषयसूची

भाव प्रकाश:

प्रथम भाग

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१. आयुर्वेदप्रवक्तृप्रादुर्भाव प्रकरण १-९
आयुर्वेद की निरुक्ति तथा प्रादुर्भाव ।
२. सृष्टि प्रकरण १०-१९
सृष्टिक्रम, प्रकृतिस्वरूपनिर्णय, प्रकृति-पुरुष का साधर्म्य—वैधर्म्य, सात्त्विक—राजस—तामस—प्रकृति के लक्षण,
सप्तविध प्रकृतिस्वरूप निरूपण ।
३. गर्भ प्रकरण २०-९६
रजस्वला का स्वरूप, नियम तथा कर्तव्याकर्तव्य । गर्भावतरणक्रम । गर्भस्थ स्त्री, पुरुष वा नपुंसक सन्तान के
लक्षण, निदान तथा वातादि दोषत्रय का स्वरूपनिरूपण एवं गर्भस्थ सन्तान के रस-रक्त-मांस-मेदादि के वृद्धिक्रम तथा
लक्षण आदि का विशद वर्णन, प्रसवमास की संख्या, सूतिकागृहनिर्माणप्रकार तथा आसन्नप्रसवा का लक्षण ।
४. बाल प्रकरण ९७-१०८
सन्तानोत्पत्त्यनन्तर कर्तव्य, धातृस्वरूप वर्णन, शिशुपरिचर्या, वातादिप्रकृतिक शिशुलक्षण ।
५. दिनचर्यादि प्रकरण १०९-१६२
आनूपादि देशनिरूपण, दिनचर्या, रात्रिचर्या तथा वसन्तादि षट् ऋतुओं का वर्णन ।
६. मिश्र प्रकरण १६३-२०४
रोग की साध्यासाध्यता, चिकित्सा, रोगी, वैद्य तथा दूत के लक्षण, आयु-विचार, दीर्घायु स्वल्पायु रोगी के लक्षण
तथा औषध-परीक्षादि ।