भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपरिशिष्ट २ ११०३
कसेरू जड़ ६ माशे से १ तोले
कसोंदी जड़, बीज ३-६ माशे
कस्तूरी मृगमद १/२ से २ रत्ती
काकजंघा पञ्चाङ्ग-पत्ते ८-९ माशे
काकड़ाशिङ्गी फल १-३ माशे
कायफर छाल ३-७ माशे
काला जीरा बीज ६-७ माशे
कालादाना बीज २-६ माशे
कालीजीरी बीज २-३ माशे
कास जड़ १-२ तोले
किवाछ जड़, बीज ६-९ माशे
कुकरवदा पत्ते जड़ ६-९ माशे
कुचला बीज (विष) शुद्ध १-२ रत्ती
कुटकी जड़ १ ॥-३ माशे
कुन्दरु गोंद २-४ माशे
कुमुद फूल ६ से १० माशे
बीज ५ से ६ माशे
कुलञ्जन जड़ ३-९ माशे
कुशा जड़ १-२ तोला
कूठ जड़ ३-९ मा.
कूड़ा छाल ६ माशे से १ तोला
केला स्तम्भरस १-२ तोला
केसर फूल २-६ रत्ती
कोलकन्द कन्द (सविष) १/२ से १ ॥ रत्ती
खजूर फल १-२ तोला
खपरिया शुद्ध भस्म १-४ रत्ती
खरबूजा बीज ६-९ माशे
खस जड़ ३-६ माशे
खीरा बीज ६-९ माशे
खुरासानी
अजवायन
शुरासाना बीज १-२ माशा
अजमोद