भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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आठवाँ अध्याय
पहला मराठा युद्ध
छत्रपति शिवाजी की मृत्यु के क़रीब ७५ साल के अन्दर १८वीं
सदी के मध्य में मराठों की सत्ता अपनो शिखर
मराठा मण्डल को पहुँच चुकी थी । मुग़ल साम्राज्य उस समय
अत्यन्त जर्जर हालत में था और दो सौ साल से ऊपर के उस
पुराने साम्राज्य के खंडहरों में से उत्पन्न होकर मराठों का साम्राज्य
एक बार समस्त भारत पर फैलता हुआ मालूम होता था । स्वयं
दिल्ली और दिल्ली का सम्राट दोनों मराठों के हाथों में थे । रघुनाथ
राव की मराठा सेना राजधानी से आगे बढ़ कर लाहौर विजय कर
चुकी थी और पराजित अफ़ग़ान सेना को अटक के पार भगा कर
पंजाब का सूबा मराठा साम्राज्य में शामिल कर चुकी थी ।
बालाजी बाजीराव पेशवा की मसनद पर था । शिवाजी के