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सर्वकोश
भक्तिरसामृतसिन्धु (श्रील रूप गोस्वामी - भक्ति रस शास्त्र सटीक)

भक्तिरसामृतसिन्धु (श्रील रूप गोस्वामी - भक्ति रस शास्त्र सटीक)

Bhakti-Rasamrita-Sindhu with Hindi Commentary

श्रील रूप गोस्वामी / भक्तिवेदान्त व्याख्या द्वारा

DevanagariHindipublished380 पृष्ठ

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पृष्ठ 24

[ ८ ] भक्तिरसामृतसिन्धु
आन्दोलन में संलग्न हैं। मैं अपने सब मित्रों और शिष्यों को सविनय
धन्यवाद देता हूँ जो सम्पूर्ण जगत् में कृष्णभावनामृत आन्दोलन को फैलाने
में मुझसे सहयोग कर रहे हैं। मेरे प्रिय शिष्य श्रीमद् जयानन्द ब्रह्मचारी
को साधुवाद है। उनके उदार अनुदान से इस ग्रन्थ का प्रकाशन हुआ है।
अन्त में इस महान् ग्रन्थ का ध्यानपूर्वक प्रकाशन करने के लिये हरेकृष्ण
प्रेस के निर्देशक धन्यवाद के पात्र हैं। हरे कृष्ण !
१३ अप्रैल, १६७०
ए० सी० भक्तिवेदान्त स्वामी