सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
संग्रह पर लौटें

बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)

Baudhayana Shulbasutram with Commentary by Vibhutibhushan Bhattacharya

आचार्य बौधायन (सम्पादक: विभूतिभूषण भट्टाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished366 पृष्ठ

इस पृष्ठ पर कोई मुख्य पाठ (सूत, भाष्य आदि) मुद्रित नहीं है; यह एक रिक्त पृष्ठ है।

दाहिनी ओर के पृष्ठ के किनारे पर केवल आंशिक पाठ दिखाई दे रहा है:

चित्र ...

[चित्र-विवरणम् तथा अन्तर्गतानि चिह्नानि मापनि च :]

दिशः :

  • उपरि : उत्तरः
  • अधः : दक्षिणः
  • वामतः : प० (पश्चिमः)
  • दक्षिणतः : प्रा० (प्राची)

भुज-कर्ण-मापानि :

  • वामोर्ध्व-कर्ण/भुजौ : १२० अं०, १७२ अं० २६ ति०
  • दक्षोर्ध्व-भुजः : ११५ अं० ८ ति०
  • वामाधो-भुजः : ११५ अं० ८ ति०
  • दक्षाधो-भुजः : १७२ अं० २६ ति०

[चित्राधःस्थः पाठः :]

चित्र २१ । ( १।५७ सू. सूत्रेषु गार्हपत्यादीनां स्थानानयने प्रकारान्तरम् । ) ( अङ्कलिखने अशुद्धिरस्ति ) वस्तुतः १७२ अं० २७४/८ तिलाः ११५ अं. ६४/८ तिलाश्च भवितुमर्हति ।

इस पृष्ठ पर कोई देवनागरी पाठ (सूत्र, भाष्य, मन्त्र आदि) उपलब्ध नहीं है; यह एक रिक्त पृष्ठ (blank page) है।

पू
५४ अंगु०
ख
९६ अंगु०
ख
क
प
८४ अंगु०
चित्र २२ । ( १५९ सूत्रे दार्शिकवेदिकरणे । )

इस पृष्ठ पर कोई पाठ (text) मुद्रित नहीं है (यह पृष्ठ रिक्त है)।

चित्र २३ । ( १९० सूत्रे पाशुबन्धिकवेदिकरणे ।)


रेखाचित्र-विवरणम् (आकृतेरन्तर्गतानि अक्षराणि अङ्काश्च)

शिरोभागः (पूर्वभागः) :
[वामकोणे] झ
[मध्यभागे] ख
[दक्षिणकोणे] ज
[विस्तार-मानम्] ११७ अं०

मध्यरेखा (प्राची) :
१८८ अं० (ऊर्ध्वाधररूपेण)
[केन्द्रे] म

पार्श्वभागौ :
[वामपार्श्वे] ङ
[दक्षिणपार्श्वे] ञ

तलभागः (पश्चिमभागः) :
[वामकोणे] च
[दक्षिणकोणे] छ
[विस्तार-मानम्] १५० अं०
[मध्यभागे] क
[तस्याधः] प० (पश्चात्)

CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri.Funding: MIDF
(यह पृष्ठ मूल प्रति में रिक्त है / This page is blank in the original)
Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu

पू०
ख
ङ छ
८६ अं०
उ० १२८ अं० द०
१०४ अं०
च क घ
प०
चित्र २४ । ( १६१ सूत्रे पाशुबन्धिकवेदिकरणे )

उ०

पू०
घ ख ग
१५० अं०
उ० ३६० अं० ३६० अं० ३६० अं० द०
१५० अं०
च क छ
प०
चित्र २५ । ( १६२ सूत्रे पाशुबन्धिकवेदिकरणे )

This page is blank and contains no printed text (other than the digital archiving header and footer).

ख
ग
३६ अं॰
३६ अं॰
३६ अं॰
३६ अं॰
क
घ
चित्र १६ । (१।६३ सूत्रे उत्तरवेदिकरणे)

इस पृष्ठ पर कोई भी मूल पाठ (सूत्र, मन्त्र, भाष्य अथवा अनुवाद) मुद्रित नहीं है; यह एक रिक्त पृष्ठ (blank page) है।

केवल पृष्ठ के शीर्ष एवं पाद-टिप्पणी में डिजिटलीकरण से संबंधित निम्नलिखित अंग्रेज़ी विवरण उपलब्ध हैं:

CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri. Funding: MIDF
Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu

पू०
८६ अं०
८६ अं०
द०
८६ अं०
८६ अं०
प०
चित्र २७ । ( १।६५-६६ सूत्रयोः पैतृकवेदिकरणे )

(यह पृष्ठ रिक्त है। केवल दाहिनी ओर अगले पृष्ठ के रेखाचित्र/ग्राफ़ का आंशिक भाग दिखाई दे रहा है:)

घ
२७० अं०
४

घ ख
२७० अं. २७० अं.
ग क
चित्र २८ । ( १६७ सूत्रे सौत्रामणिवेदिकरणे )

इस पृष्ठ पर कोई देवनागरी पाठ (सूत्र, मन्त्र, भाष्य आदि) मुद्रित नहीं है; यह एक रिक्त पृष्ठ (Blank page) है।

३६० अं०
४८ अं०
४८० अं०
४८० अं०
३६० अं०
७२ अं०
चित्र २६ । ( १६८ सूत्रे प्राग्वंशकरणे )

उपरोक्त पृष्ठ पूर्णतया रिक्त (कोरा) है। इसमें कोई देवनागरी ग्रन्थ, सूत्र, भाष्य अथवा पाठ्य सामग्री नहीं है। केवल डिजिटलीकरण सम्बन्धी पादटिप्पणी (अंग्रेज़ी में) अंकित है:

CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri. Funding: MIDF
Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu

पू०
द०
प०
चित्र ३० । ( २।३३ सूत्रे चतुरश्रगार्हपत्ये १मः प्रस्तारः )