बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)

बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)
Baudhayana Shulbasutram with Commentary by Vibhutibhushan Bhattacharya
आचार्य बौधायन (सम्पादक: विभूतिभूषण भट्टाचार्य) द्वारा
DevanagariHindipublished366 पृष्ठ
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चतुरश्रश्येनचित् ।
१२शः प्रकारः
२य, ४र्थ प्रस्तारौ
पू.
द.
प.
इष्टका संख्याः
आत्मनि १०४ (१) अर्धार्धाः ६
पक्षसन्ध्योः १० (३) पक्षाग्रयोः ४४
पुच्छसन्ध्योः ५ (३) अर्धाः २४
पक्षयोः २४ (४) पाद्याः ४
पुच्छे २५
२०० | २००
चित्र ४५ ( सू० ३१४-१७ ) चतुरश्रश्येनचित् ( १मे प्रकारे २य ४र्थ प्रस्तारौ ) ( अत्रापि चित्रलिखने अशुद्धयः वर्तन्ते )