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सर्वकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

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पृष्ठ 80

५ दश्चन्द्रमसि...?
In Sanskrit editions, line numbers 5, 10, 15, 20 are printed in the left margin.
Let's include it as printed:
५ दश्चन्द्रमसि कृष्णं तदपीहेत्य॑थैनानादधाति दिवस्त्वा वीर्येण
Wait, "कृष्णं": is it कृष्णं with dot anusvara? Yes, कृष्णं.
"तदपीहेत्य॑थैनानादधाति" - notice the udatta on त्य: त्य॑.
"दिवस्त्वा वीर्येण"

Line 6:
पृथिव्यै महिम्ना । अन्तरिक्षस्य पोषेण सर्वपशुमादध इत्य॑थैना-
Notice: "इत्य॑थैना-" (udatta on त्य).

Line 7:
न्संप्रयौति सं वः सृजामि हृदयानि सꣳसृष्टं मनो अस्तु वः ।
"न्संप्रयौति" - at the start of the line! (Sandhi from इत्यथैनान् + संप्रयौति = इत्यथैनान्संप्रयौति, split across lines: इत्य॑थैना- / न्संप्रयौति).
"सं वः सृजामि हृदयानि सꣳसृष्टं मनो अस्तु वः ।"

Line 8:
स