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सर्वकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

पृष्ठ 659, कुल 774 में से

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पृष्ठ 659

'? No, it's 'स'). Let's transcribe exactly what is printed.

Wait, look at 'द्यत्रो३':
"विद्भ्यसौषीद्यत्रो३" -> wait, is that 'द्यत्रो' or 'द्यन्नो'?
'द्य' + 'त' with r-stroke? No, 'त्' + 'र' with o-matra: 'त्रो'!
And then '३' (footnote 3).

Wait, let's check line 10:
"विदभिषुणोतीत्यमृं४ तत्र विस्रवाण्य॑ꣳ ' सवसौ ब्राह्मणो नैक्षाय-"
Wait, look at the number after त्यमृं:
Is it 'त्यमृं४' or 'त्यमूं४'?
Look at the vowel under 'म': it is a circle with an open bottom, or 'ऋ'?
It is 'ऋ': 'त्यमृं'!
And then footnote mark '४'.

Wait, look at line 11:
"नानि वेद ' तं गमिष्यामि ' स म५ इमान्वर्णांन्त्संरोपयि- १०"
Wait, look at "वर्णांन्त्संरोपयि-":
Is it "वर्णांन्त्संरोपयि-" or "वर्णान्र्त्संरोपयि-" or "वर्णान्त्संरोपयि-"?
Look at "वर्णांन्त्संरोपयि-