बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)
Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary
आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा
पृष्ठ 637, कुल 774 में से
संदर्भ में पढ़ेंितिः"?
Let's look at the characters:
'४' 'ऽ' 'ह्' 'न्' 'व' 'ञ्चि' 'ति' 'श्च' 'तु' 'र्थ' 'स्य'
Yes! 'ऽह्न्वञ्चितिश्चतुर्थस्य'!
And line 11:
"सप्तमस्य मासस्य प्रथमे ऽह्न्वञ्च-"
Line 12:
"चितिरष्टमस्य मासस्य प्रथमे ऽहन्पुरीषचितिर्नवमस्य मासस्य"
Now let's examine Line 13:
"प्रथमे ऽह्न्यप्त स्कन्ध्या उपदधात्या नञ्चेष्टकाभ्यो । दशमस्य"
Wait! Look at "ऽह्न्यप्त":
Is it 'ऽ', 'ह्', 'न्', 'त्स' = ऽहन्त्स, 'प्त'?
Wait! Look at line 13:
"प्रथमे ऽहन्त्सप्त स्कन्ध्या उपदधात्या नकेष्टकाभ्यो ।" ??
Wait, let's look at the words in line 13:
Word 1: "प्रथमे"
Word 2: 'ऽ', 'ह्', 'न्', then 'त्स'?
Wait! In line 4, we saw 'ऽहन्त्स'!
In line 13, it's 'ऽहन्त्स' + 'प्त' = ऽहन्त्सप्त!
Wait, is there a space between ऽ