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सर्वकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

पृष्ठ 595, कुल 774 में से

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पृष्ठ 595

ं-प-ने-न, wait, between 'प' and 'ने', is there a 'न्'?
No, it's just 'ने': "संपनेन"!
Wait, what about "मासस्तेनैव॑"? udatta on वै॑.
"मासान्व॑येत्": udatta on न्व॑.
"षष्ठं मासँ": candrabindu on सँ.

Line 7:
संभार्यँ संभरन्ति॑ । द्वावभिप्लवौ षडहौ तानि द्वादशाहानि॑ ।
udatta on न्ति॑, and द्वादशाहानि॑

Line 8:
गोआयुषी तानि चतुर्दश॑ । चत्वार्यूर्ध्वं विषुवतात्तान्यष्टादश॑ ।
udatta on दश॑, and अष्टादश॑

Line 9:
दशरात्रो महाव्रतं चातिरात्रश्च॑ । स मासस्तदेतन्मासिपृष्ठं
udatta on श्च॑

Line 10:
गवामयनम्॑ ॥ १५ ॥ चतुर्थः ॥ १०
udatta on नम्॑

Line 11:
अनुत्सर्गं बृहद्रथंतराभ्यामित्युत्सन्ने मासि सकृत्पृष्ठान्युपेयु-

Line 12:
र्स्तद्द्वितीयं गवामयनं॑ । दशमास्यं^५ तृतीयमभिप्लवाश्चाचीयन्ति^५
udatta on य