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सर्वकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

पृष्ठ 517, कुल 774 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 517

" -> wait! Look at the letter after 'ग':
Is it 'श' or 'सं'?
Wait, "यज्ञवेगशं" or "यज्ञवे शसं"?
Ah! TS 3.4.10: "यथा यज्ञवे शसं वा दृक्षनं वा"?
Wait! TS 3.4.10.3: "यथा यज्ञवेशसं वा रि Thom... वा"?
In TS: "यथा यज्ञवेशसं वा रिप्रं वा तादृगेव तत्..."
Wait, look at line 11:
"यज्ञवेशसं" -> 'य', 'ज्ञ', 'वे', 'श', 'सं'!
Yes! "यज्ञवेशसं"!
And next word:
"वा" + "ऽदृक्षनं" or "वा दृक्षं" or "वाऽदृक्षं"?
Look at the characters:
"वा" then "दृ" (with r-vowel under 'द') then "क्ष" with anusvara: "दृक्षं" or "वा दृक्षं वा"?
Wait, look at:
"वा" then space, then "दृक्षं" or "वाऽदृक्षनं"?
Wait! Let's read:
'वा' then space, then 'दृ' (dṛ), 'क्ष' (kṣa), 'नं' (nam)??
Wait, no: 'दृ' then 'क्ष' with anusvara? No, look at the letters:
'वा' space 'दृ' '