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सर्वकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

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पृष्ठ 379

आ हरानयेति -> धारयन्नाहरानयेति).
In image: धारयन्नाह्रानयेति or धारयन्नाहरानयेति?
Look at the letters: धा, र, य, न्, ना, ह, रा (or ्रा?), न, ये, ति.
It looks like धारयन्नाहरानयेति or धारयन्नाहारानयेति?
Wait, 'ह' has an 'a' matra? No, ह, then रा with a top curve? Wait, between 'ह' and 'न', there is रा? No, it looks like हा then रा? No, ह्रानयेति?
Wait, look at Caland text: "धारयन्ना हरानयेति" or "धारयन्नाहारानयेति"?
"स यत्र धारेष्टकां प्राप्नोति" follows.
Before that: प्रतिप्रस्थाता holding the pot of arkaparṇa at mouth-height says: "आ हरानयेति" ("bring it on!").
So आ हर आनयेति or आहरानयेति!
In sandhi: धारयन् + आहरानयेति = धारयन्नाहरानयेति!
Yes, धारयन्नाहरानयेति.

Let's check line 12:
`यत्र धारेष्ट