सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished112 पृष्ठ

पृष्ठ 25, कुल 112 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 25

आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में

25

  • ❑ पपीते का सेवन करें।
  • ❑ करेले का रस दिन में दो बार पिलाएँ।
  • ❑ सुबह-2 कच्ची मूली अच्छी तरह साफ करके पत्ते सहित खानी चाहिए।
  • ❑ लौकी को कोयलों में दबाकर गर्म करें और फिर उसका रस निकाल लें। फिर इसमें मिश्री मिलाकर पीएँ।
  • ❑ गाजर के रस का सेवन करें।
  • ❑ जौ का सतू खाएँ और फिर गन्ने का एक गिलास रस पी लें।

सावधानी बरतें

तेलयुक्त पदार्थ, गर्म मिर्च-मसाले वाले पदार्थ, घी, आदि का सेवन मत करें।

काली खाँसी है

लौंग का कमाल

2-3 लौंग तबे पर भून लें। अब एक चम्मच शहद में डालकर चाटें।

अन्य और सहायक उपचार

  • ❑ शृंग भस्म को शहद में साथ मिलाकर रोगी को चटाएँ।
  • ❑ सितोपलादि चूर्ण शहद के साथ चाटें।
  • ❑ 12 घण्टे पानी में भीगे हुए 6-7 बादाम, लहसुन की कलि और मिश्री-तीनों को पीसकर सेवन करें। बहुत लाभकारी है।
  • ❑ गन्ने के रस में 50-60 ग्राम मूली का रस मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें। बड़ा लाभकारी है।
  • ❑ थोड़ी-सी पिसी हुई फिटकरी गर्म पानी के साथ नित्य सेवन करें।