औचित्यविचारचर्चा (महाकवि क्षेमेन्द्र - औचित्य रससिद्धस्य स्थिरं काव्यस्य जीवितम् सटीक)

औचित्यविचारचर्चा (महाकवि क्षेमेन्द्र - औचित्य रससिद्धस्य स्थिरं काव्यस्य जीवितम् सटीक)
Aucitya Vicara Charcha of Kshemendra with Commentary
महाकवि क्षेमेन्द्र (टीकाकार: पं. ब्रजमोहन झा) द्वारा
DevanagariHindipublished256 पृष्ठ
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॥ श्रीः ॥
विद्याभवन संस्कृत ग्रन्थमाला
११८
महाकविश्रीक्षेमेन्द्रविरचिता
औचित्यविचारचर्चा
'प्रभा' संस्कृत-हिन्दी-व्याख्याद्वयोपेता
व्याख्याकार :—
व्याकरण-साहित्यायुर्वेदाचार्य-साहित्यालङ्कारः—
आचार्य श्रीव्रजमोहन झा
बिहारराज्यान्तर्गत 'चाइवासा'स्थ-राजकीय-संस्कृतोच्चविद्यालयाध्यापकः
चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी-२२१००१