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सर्वकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 41, कुल 1063 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 41

१०६. इंद्र की स्तुति १-३
१०७. इंद्र और सूर्य की प्रशंसा १-१५
रणभूमि में विरोधियों की हिंसा ८
सूर्य और उषादेवी १५
१०८. इंद्र की स्तुति १-३
१०९. इंद्र की स्तुति १-३
सोम का संस्कार ३
११०. इंद्र की पूजा १-३
१११. इंद्र की स्तुति १-३
सोम का संस्कार ३
११२. सूर्य की प्रशंसा करने वाले इंद्र १-३
११३. इंद्र के हितकारी कार्य १-२
११४. इंद्र की स्तुति १-२
११५. इंद्र की स्तुति १-३
११६. इंद्र की स्तुति १-२
११७. इंद्र से सोमरस पान का अनुरोध १-३
११८. इंद्र की स्तुति १-४
११९. प्राचीन स्तोत्र के द्वारा इंद्र की स्तुति १-२
१२०. इंद्र से यज्ञ में पधारने का अनुरोध १-२
१२१. स्वर्ग के सृष्टा इंद्र की स्तुति १-३
१२२. इंद्र की स्तुति १-३
१२३. मित्र व वरुण की महिमा का गान १-२
१२४. इंद्र की स्तुति १-६
देवत्व की रक्षा के लिए राक्षसों का वध ५
१२५. इंद्र से चारों दिशाओं से शत्रु को रोकने का आग्रह १-७
इंद्र के सहायक अश्विनीकुमार ४
१२६. इंद्र की स्तुति १-२३
यज्ञ में नारी और पुरुष एक साथ १०
इंद्राणी की प्रशंसा ११
वृषाकपि की प्रशंसा १३
१२७. मंत्र उच्चारण १-१४
कुंता सूक्त के वैश्वानर की मंगलमयी स्तुति ७
इंद्र की स्तुति १३
१२८. इंद्र की स्तुति १-१४
१२९. दान और साधु १-२०
१३०. प्रकृति का पोषक १-२०
१३१. परम तत्त्व १-२०
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