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सर्वकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 381, कुल 1063 में से

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पृष्ठ 381

शृणोतु यज्ञमुशती नो अद्य रायस्पोषं चिकितुषी दधातु.. (२)
देवों के मध्य कुहू अर्थात् अमावस्या रूप देवी अमृत अथवा जल की पत्नी अर्थात्
पालन करने वाली है. हव्य देने योग्य यह हमारे द्वारा दिए जाते हुए हवि को प्राप्त करे तथा
हमारे यज्ञ की कामना करती हुई आज हमारा आह्वान सुने. इस के पश्चात हमारे यज्ञ को
जानने वाली वह हमारे धन को पुष्ट करे. (२)
सूक्त-५० देवता—राका अर्थात् पूर्णमासी
राकामहं सुहवा सुष्टुती हुवे शृणोतु नः सुभगा बोधतु त्मना.
सीव्यत्वपः सूच्या ऽ च्छिद्यमानया ददातु वीरं शतदायमुक्थ्यम्.. (१)
मैं शोभन आह्वान वाली, पूर्ण चंद्र से सुशोभित एवं शोभन स्तुति वाली पूर्णिमा का
आह्वान करता हूं. यह शोभन ज्ञान वाली पूर्णिमा मेरा आह्वान सुने तथा प्रजनन के लक्षण को
सी दे. ऐसा वह न टूटने वाली नाड़ी रूपी सूई से सिए. ऐसा कर के पूर्णिमा हमें विक्रांत पुत्र
एवं बहुत सा धन प्रदान करे. (१)
यास्ते राके सुमतयः सुपेशसो याभिर्ददासि दाशुषे वसूनि.
ताभिर्नो अद्य सुमना उपागहि सहस्रापोषं सुभगे रराणा.. (२)
हे राका अर्थात् पूर्णिमा देवी! तेरी जो सुंदर रूप वाली कल्याण बुद्धियां हैं, जिन के
द्वारा तू हवि देने वाले यजमान को धन प्रदान करती है, आज तू उन्हीं कल्याणकारी बुद्धियों
एवं शोभन मन से युक्त हो कर हमारे समीप आ. तू हमें बहुत से धनों का पोषण देती हुई आ.
(२)
सूक्त-५१ देवता—देव पत्नियां
देवानां पत्नीरुशतीरवन्तु नः प्रावन्तु नस्तुजये वाजसातये.
याः पार्थिवासो या अपामपि व्रते ता नो देवीः सुहवाः शर्म यच्छन्तु.. (१)
हमारी कामना करती हुई देव पत्नियां हमारी रक्षा करें तथा हमें संतान और अन्न प्रदान
करने के लिए आएं. जो देव पत्नियां पृथ्वी पर रहने वाली तथा अंतरिक्ष में स्थित हैं, वे शोभन
आह्वान सुन कर हमें सुख और गृह प्रदान करें. (१)
उत ग्ना व्यन्तु देवपत्नीरिन्द्राण्य१ग्नाय्यश्विनी राट्.
आ रोदसी वरुणानी शृणोतु व्यन्तु देवीर्य ऋतुर्जनीनाम्.. (२)
देव पत्नियां अर्थात् देवियां मेरी कामना करें. वे देवियां इंद्र पत्नी, अग्नि पत्नी एवं
अश्विनीकुमारों की पत्नियां हैं. रुद्र की पत्नी रुद्राणी और वरुण की पत्नी वरुणानी मेरे सामने
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