अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 240, कुल 1063 में से
संदर्भ में पढ़ेंअन्यथा तू शक्तिहीन समझा जाएगा. (४)
यदि पञ्चवृषो ऽ सि सृजारसो ऽ सि.. (५)
हे लवण! यदि तू पांच बैलों के समान शक्ति वाला है तो इस गाय से संतान उत्पन्न कर,
अन्यथा तू प्रभावहीन समझा जाएगा. (५)
यदि षड्वृषो ऽ सि सृजारसो ऽ सि.. (६)
हे लवण! यदि तू छह बैलों के समान शक्ति वाला है तो इस गाय से संतान उत्पन्न कर,
अन्यथा तू शक्तिहीन समझा जाएगा. (६)
यदि सप्तवृषो ऽ सि सृजारसो ऽ सि.. (७)
हे लवण! यदि तू सात बैलों के समान शक्तिशाली है तो इस गाय को संतान वाली बना,
अन्यथा तू शक्तिहीन समझा जाएगा. (७)
यद्यष्टवृषो ऽ सि सृजारसो ऽ सि.. (८)
हे लवण! यदि तू आठ बैलों के समान शक्ति वाला है तो इस गाय से संतान उत्पन्न कर,
अन्यथा तू शक्तिरहित समझा जाएगा. (८)
यदि नववृषो ऽ सि सृजारसो ऽ सि.. (९)
हे लवण! यदि तू नौ बैलों के समान शक्तिशाली है तो इस गाय से संतान उत्पन्न कर,
अन्यथा तू प्रभावरहित समझा जाएगा. (९)
यदि दशवृषो ऽ सि सृजारसो ऽ सि.. (१०)
हे लवण! यदि तू दस बैलों के समान शक्तिशाली है तो इस गाय को संतान वाली बना,
अन्यथा तू प्रभावहीन समझा जाएगा. (१०)
यद्येकादशो ऽ सि सृजारसो ऽ सि.. (११)
हे लवण! यदि तू ग्यारह बैलों के समान शक्ति वाला है तो इस गाय से संतान उत्पन्न
कर, नहीं तो तू शक्तिहीन समझा जाएगा. (११)
सूक्त-१७ देवता—ब्रह्मजाया
ते ऽ वदन् प्रथमा ब्रह्मकिल्बिषे ऽ कूपारः सलिलो मातरिश्वा.
वीडुहरास्तप उग्रं मयोभूरापो देवीः प्रथमजा ऋतस्य.. (१)
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