अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 14, कुल 1063 में से
संदर्भ में पढ़ें१०. अग्नि और वायु की स्तुति १-३
११. पुंसवन कर्म का वर्णन १-३
१२. विष निवारण वर्णन १-३
१३. मृत्यु की स्तुति १-३
१४. श्लेष्मा रोग का निवारण १-३
१५. वनस्पतियों में उत्तम पलाश वृक्ष का वर्णन १-३
१६. खाई जाने वाली सरसों का वर्णन १-४
१७. नारी के गर्भ में स्थित रहने की कामना १-४
१८. ईर्ष्या विनाशन १-३
१९. देवों से शुद्धि के लिए प्रार्थना १-३
२०. प्रबल पित्त ज्वर से छुटकारे की कामना १-३
२१. धनवती ओषधियों का वर्णन १-३
२२. आदित्य, रश्मि व मरुत् की स्तुति १-३
२३. जल की प्रशंसा १-३
२४. जल का वर्णन १-३
२५. मन्युविनाशन १-३
२६. पाप्मा की स्तुति १-३
२७. यम की पूजा अर्चना १-३
२८. यम की प्रशंसा १-३
२९. यम की स्तुति १-३
३०. जौ सौभाग्य सूचक शमी का वर्णन १-३
३१. गौ अर्थात् सूर्य की किरणों का वर्णन १-३
३२. अग्नि की स्तुति १-३
३३. इंद्र की स्तुति १-३
३४. अग्नि की स्तुति १-५
३५. वैश्वानर अग्नि की स्तुति १-३
३६. वैश्वानर अग्नि की आराधना १-३
३७. इंद्र की स्तुति १-३
३८. तेजस्वरूपा देवी की स्तुति १-४
३९. इंद्र की स्तुति १-३
४०. द्यावा, पृथ्वी व इंद्र की आराधना १-३
४१. प्राण के अधिष्ठाता देव एवं दिव्यगुणों की प्रशंसा १-३
४२. पुरुष के लिए उपदेश १-३
४३. क्रोध को शांत करना १-३
४४. गाय के सींग द्वारा विषाण रोग का इलाज १-३
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