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सर्वकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 465, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 465

, wait, is there one over 'य' in 'गमध्यै'?
Wait, look at 'संहिताप्रथमाष्टके':
स-ं-ह-ि-त-ा-प-्-र-थ-म-ा-ष-्-ट-क-े: wait, between 'म' and 'ष्ट', there is:
'म' with aa-matra: 'मा'. But wait, is there a loop below 'म'? No.
Wait, why did I think 'प्रथम्राष्टके'? Look at the scan:
'स', 'ं', 'ह', 'ि', 'त', 'ा', 'प', '्', 'र', 'थ', 'म', 'ा', 'ष', '्', 'ट', 'क', 'े'.
Wait, is there a repha on 'म'? No, that's just 'प्रथमाष्टके'!
Wait, look at the user prompt/image again:
"संहिताप्रथमाष्टके तृतीयप्रश्ने 'गमध्यै गावो यत्र"
Wait, look at 'गमध्यै': 'ग' 'म' 'ध' '्' 'य' 'ै' -> 'गमध्यै'!
Rigveda/Taittiriya: "ता वां वास्तून्युश्मसि गमध्यै यत्र गावो भूरिशृङ्गा अयासः ।"
Yes, "गमध्यै गावो यत्र"!

Line 29:
"भूरिशृङ्