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सर्वकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 364, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 364

क्तोऽक्षरः"!
Wait! Look at Rashmi lines 20-21:
"प्रकृतीति"
Wait, what is the word?
Could it be: "सप्तम्यन्त"??
Wait, look at line 21:
"चेति तेन प्रधानमित्यपि नपुंसकं न पुरुषः ।"
LOOK AT THAT: "चेति तेन प्रधानमित्यपि नपुंसकं न पुरुषः ।"
"नपुंसकं न पुरुषः"!!
Why does it say "नपुंसकं न पुरुषः"???
Because in "अव्यक्तोऽक्षरः", both 'अव्यक्तः' and 'अक्षरः' are masculine ("पुरुषः" / पुंलिङ्ग), whereas 'प्रधानम्' (Prakriti) is neuter ("नपुंसकम्")!!
And 'हरिशब्दस्य विष्णुवाचकत्ववत्' - wait!
Is the word "पुंलिङ्ग"?
Look at line 21:
"..... पुंलिङ्गो हरिशब्दस्य विष्णुवाचकत्ववत्" ?????
YES! YES! YES!
"पुंलिङ्गो हरिशब्दस्य विष्णुवाचकत्ववत्" !!
Look at the letters:
प + ु = पुं
ल + ि + ङ् + ग + ो = लिङ्गो!
Wait, let's look at the letters before "हरिशब्दस्य":
Is it: "पुंलिङ्गो"?
Wait