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सर्वकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 299, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 299

ामान्यज्ञानमिति विवरणं भवानन्दरामनाथकृतम् । तत्र गदाधरकृत-"
All clear!

Line :
"व्याख्यानेभिधातुः पूर्वोक्तं ज्ञानं संभावितं न तु निश्चितं दीधितिकृतानुल्लेखात् । अस्मदुक्त-"
Wait, "व्याख्यानेभिधातुः" or "व्याख्यानेऽभिधातुः"?
There is no avagraha: "व्याख्यानेभिधातुः".
"पूर्वोक्तं ज्ञानं संभावितं न तु निश्चितं दीधितिकृतानुल्लेखात् । अस्मदुक्त-"
All clear!

Line :
"ज्ञानजिज्ञासयोरपि संभवान्न विषयताविशेषस्य विवक्षा चेति दूषणद्वयम् । इतरयोस्तु शिष्यस्य"
All clear!

Line :
"प्रतिभाविरेहेण तद्विरहेण च शिष्यज्ञानयोर्वक्तुमशक्यतया ज्ञाने व्याख्यातुरभिधातुर्वा ग्राह्येते"
Wait, "प्रतिभाविरेहेण" or "प्रतिभाविरहेण"?
Look at "प्रतिभाविरेहेण":
प्र, ति, भा, वि, र, े, ह, े, ण -> wait, does 'र' have an 'े' matra?
Look at 'रे': yes, there is an 'े' matra on 'र'! "प्रतिभाविरेहेण"! A printer's typo in the book