अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)
Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary
महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा
पृष्ठ 2243, कुल 2600 में से
संदर्भ में पढ़ें(is there "मुक्तेः"?)
Wait, look at line 31:
"मुक्तिफलत्व इति मुक्तस्य मुक्तेः फलत्वे" - wait!
Between "मुक्तस्य" and "फलत्वे":
Look at the characters:
म ु क ् त े ः ?
No! Look:
"मुक्तिफलत्व इति मुक्तस्य" then:
Wait, look at the letters:
There is "मुक्तेः"? No!
Wait:
"इति"
"मुक्तस्य"
Then:
"मु" "क्तेः"? No, it's just:
Wait! Let's count characters in line 31:
"ग्रहेण पुष्टौ प्रवेशने भवतीति वक्ष्यमाणभाष्यात् । मुक्तिफलत्व इति मुक्तस्य मुक्तेः फलत्वे साध-"
Wait! Let's look between 'मुक्तस्य' and 'फलत्वे':
Is 'मुक्तेः' there?
Wait:
"म ु क ् ति फ ल त् व इ ति"
"म ु क ् त स्य"
Wait, after 'मुक्तस्य', what is that word?
Is it 'मुक्तेः'?
It has: 'म' with 'ु' (mu), then 'क' with '्' and 'त' with 'े' and visarga (क्तेः)!
Yes! 'मुक्तेः'!
Then 'फलत्वे' (phalatve): 'फ'